नवरात्रि की शुभ शुरुआत और जीएसटी में बड़ी कटौती ने मिलकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में जबरदस्त रौनक ला दी। त्योहारों के पहले ही दिन गाड़ियों की बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मारुति और ह्युंडई जैसी दिग्गज कंपनियों ने सोमवार को ही हजारों गाड़ियां बेच डालीं और पूरे बाजार में नई जान डाल दी। श्राद्ध के बाद त्योहारों में हमेशा खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार सरकार ने नवरात्रि के पहले ही दिन छोटी कारों और एसयूवी पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया। इस डबल लाभ ने ग्राहकों को शोरूम तक खींच लाया।
गाड़ियों की बंपर बिक्री
भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी को सिर्फ सोमवार को ही 80,000 से ज्यादा पूछताछें मिलीं और करीब 30,000 गाड़ियां डिलीवर हुईं। वहीं, ह्युंडई ने भी 11,000 यूनिट्स बेचकर बेहतरीन शुरुआत की। कंपनियां जीएसटी कटौती का सीधा फायदा ग्राहकों को दे रही हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त छूट ने आकर्षण और बढ़ा दिया है।
• मारुति ने अपनी गाड़ियों पर 1.29 लाख रुपये तक की छूट दी। एस-प्रेसो अब कंपनी की सबसे किफायती कार बन गई है, जिसकी शुरुआती कीमत अब घटकर 3.50 लाख रुपये रह गई है।
• महिंद्रा बोलेरो और बोलेरो न्यूओ पर 2.56 लाख रुपये तक की कटौती हुई है।
• टाटा पंच और किआ सिरोस पर भी 1.6 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई उम्मीद
त्योहारों का सीजन कंपनियों की सालाना बिक्री में अहम योगदान देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस समय मांग बढ़ जाती है, क्योंकि किसानों के पास फसल कटाई के बाद खर्च के लिए अतिरिक्त धन होता है। हाल के महीनों में भारतीय यात्री वाहन उद्योग सुस्ती से जूझ रहा था और इस वित्त वर्ष में ग्रोथ का अनुमान केवल 1–4% तक था। लेकिन जीएसटी कटौती के बाद अब ग्रोथ 5–7% तक पहुंचने की उम्मीद है। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी ने भी 2026 तक भारत के यात्री वाहन उद्योग की ग्रोथ का अनुमान 4.1% से बढ़ाकर 8.5% कर दिया है। यानी साफ है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी से निकलकर फिर से रफ्तार पकड़ने को तैयार है।





