• वर्ष 2050 तक कैंसर के 3 करोड़ नए मामले सामने आने की संभावना, हर साल 1.86 करोड़ लोगों की मौत का अंदेशा
• 1990 से 2023 के बीच नए मामलों में 105% और मौतों में 74% की बढ़ोतरी दर्ज
• सिर्फ 2023 में ही 1.85 करोड़ लोग कैंसर से पीड़ित हुए, 1.04 करोड़ की जान गई
कभी कुछ सीमित देशों तक सीमित समझी जाने वाली बीमारी कैंसर अब पूरे विश्व के लिए एक गंभीर संकट बन चुकी है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक कैंसर के नए मामलों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो सकती है और हर वर्ष 1.86 करोड़ लोगों की मौत इस बीमारी से होने की संभावना है। हृदय रोगों के बाद कैंसर अब वैश्विक स्तर पर मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1990 से 2023 के बीच कैंसर के नए मामलों में 105 प्रतिशत और मौतों में 74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सिर्फ 2023 में ही 1.85 करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रसित हुए, जिनमें से 1.04 करोड़ की मृत्यु हो गई। इन आंकड़ों में नॉन-मेलानोमा स्किन कैंसर के मामले शामिल नहीं हैं।
बढ़ती आबादी और बुजुर्ग जनसंख्या बने मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र के अनुसार देखें तो कैंसर से मौत की दर में विश्व स्तर पर लगभग 5.6% की गिरावट आ सकती है। लेकिन तेजी से बढ़ती आबादी और बुजुर्गों की संख्या के कारण कुल मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि रोकथाम और शुरुआती जांच पर पर्याप्त निवेश नहीं किया गया, तो 2030 तक कैंसर संयुक्त राष्ट्र के उस लक्ष्य को भी चुनौती दे सकता है जिसमें गैर-संक्रामक बीमारियों से होने वाली असमय मौतों को एक-तिहाई तक कम करने का संकल्प लिया गया था।






