राजस्थान में पहली बार इस दिवाली पर सरकारी स्कूलों में रोशनी का अनोखा नज़ारा देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सभी स्कूलों में दीपोत्सव को विशेष रूप से मनाने का निर्णय लिया है।
इस बार दीपावली का पर्व खास रहेगा, क्योंकि पहली बार प्रदेश के करीब 65 हज़ार सरकारी स्कूल दीपों की जगमगाहट से रोशन होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर इस अवसर को भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सभी स्कूलों में रंग-रोगन, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के कार्य समय पर पूरे करने के आदेश दिए हैं, ताकि त्योहार से पहले स्कूल नए रूप में चमकते नज़र आएं।
पहली बार स्कूलों में दीपोत्सव का आयोजन
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि इस बार दीपावली का उत्सव सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि स्कूलों में भी मनाया जाएगा। लगभग 65 हज़ार सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि दीपावली के दिन पूरे कैंपस को दीपों से सजाया जाए। इसके लिए स्कूल गतिविधि फंड से बजट भी जारी किया गया है। यह पहला मौका होगा जब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दीपोत्सव इस स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
65 हज़ार स्कूलों में मरम्मत और सुधार कार्य
वर्तमान में प्रदेश के 65 हज़ार विद्यालयों में मरम्मत और सुधार का काम चल रहा है। इनमें से 15 हज़ार सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मरम्मत कार्य बॉयज फंड से कराया जा रहा है, जबकि 1,500 विद्यालयों को स्टेट फंड से सुधारा जा रहा है। इसके अलावा, अतिवृष्टि से प्रभावित 4 हज़ार स्कूलों को मरम्मत के लिए प्रति स्कूल 2 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।
मंदिरों में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवस्थान विभाग को सभी मंदिरों में विशेष सजावट करने और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। ‘एक दीप सबके लिए’ के संदेश को प्रसारित करने के लिए मंदिरों में सामूहिक दीप प्रज्वलन होगा। पंचपर्व दीपावली के अंतर्गत रंगोली, महाआरती, भक्ति संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और महाभोग वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस तरह, इस बार राजस्थान में दीपावली केवल घरों में ही नहीं, बल्कि स्कूलों और मंदिरों में भी भव्य रोशनी और उत्सव का प्रतीक बनेगी।






