पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से हुई हैवानियत के मामले को लेकर ममता सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वह एक बार फिर भ्रामक बयान दे रही हैं।
घटना के बाद सीएम ममता बनर्जी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि उनकी सरकार ऐसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने निजी कॉलेजों को परिसर के भीतर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही थी। इसी बयान पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का बयान झूठा है क्योंकि यह वारदात कॉलेज परिसर के भीतर नहीं बल्कि बाहर हुई थी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह पूरी तरह प्रशासन की नाकामी का परिणाम है। एएनआई से बातचीत में सुकांत मजूमदार ने कहा, “ममता बनर्जी एक बार फिर झूठा बयान दे रही हैं। छात्रा निजी मेडिकल कॉलेज की है, लेकिन घटना कॉलेज परिसर के बाहर हुई थी। यह प्रशासन की पूरी विफलता है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं, जो अपराधियों को बढ़ावा दे रही हैं। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राज्य में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। राज्यपाल ने सही बात कही है, अब ज़रूरत कार्रवाई की है।”
इधर, ओडिशा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सोवाना मोहंती ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अनुरोध करती हूं कि पीड़िता को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर उसे शीघ्र न्याय दिलाया जाए।”
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को ममता बनर्जी ने इस घटना पर बयान देते हुए इसे “चौंकाने वाली वारदात” बताया था। उन्होंने कहा था कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है। उन्होंने यह भी दोहराया था कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा। बाद में ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया।






