हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर (42) ने मंगलवार को अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन को मासिक वसूली मामले में गिरफ्तार करने वाली टीम का हिस्सा थे। मौके से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने एडीजीपी पूरण कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बताया और जातिवाद व भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी “शहादत” का उल्लेख किया।
खेत में खुद को मारी गोली
जुलाना (जींद) निवासी संदीप लाठर मंगलवार सुबह सादे कपड़ों में अपने मामा व पूर्व सरपंच बलवान के गांव लाढ़ौत स्थित खेत में पहुंचे थे। दोपहर करीब 1 बजे उन्होंने पहली मंजिल पर बने कमरे में सर्विस पिस्टल से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा एक व्यक्ति कमरे में पहुंचा तो खून की बौछार देख तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तीन घंटे की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सुरेंद्र कुमार भौरिया और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। लगभग तीन घंटे तक जांच चली। चार पन्नों के सुसाइड नोट में संदीप ने लिखा कि एडीजीपी पूरण कुमार ने रोहतक में पदस्थापना के बाद से ही जातिवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कई आईएएस अधिकारियों को भी भ्रष्ट बताया और पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया को ईमानदार कहा।
वीडियो में लगाए 50 करोड़ की डील के आरोप
आत्महत्या से पहले संदीप ने खेत में एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने सुसाइड नोट की बातें दोहराईं। उन्होंने एडीजीपी पूरण कुमार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने, महिला कर्मियों के शोषण और एक राव इंद्रजीत नामक व्यक्ति को किसी केस से बचाने के लिए 50 करोड़ की डील करने का आरोप लगाया।
परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
घटना के बाद परिजनों ने शव कब्जे में लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वे पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए और मांग की कि सुसाइड नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
सुसाइड नोट में एडीजीपी को लेकर चार अहम बातें
• पत्नी के आईएएस और साले के विधायक होने का दंभ भरते थे, इसी से भ्रष्टाचार की ताकत मिली।
• गिरफ्तारी से बचने के लिए झूठा सुसाइड नोट बनवाकर आत्महत्या की गई।
• आईएएस लॉबी ने जातिगत राजनीति के जरिए ईमानदार अधिकारियों को निशाना बनाया।
• पत्नी ने अपनी संपत्ति और भ्रष्टाचार छिपाने के लिए झूठा नाटक किया।
संदीप का सेवाभाव से भरा रहा परिवारिक इतिहास
संदीप के पिता पुलिस इंस्पेक्टर थे और उनके दादा व छोटे दादा सेना में रहे। संदीप को स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया था।
घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या संदीप पर कोई मानसिक दबाव था? क्या उन्हें लगा कि उनकी कुर्बानी से कोई बड़ा बदलाव आएगा? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच से ही सामने आएंगे।
“मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट और वीडियो को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।”- सुरेंद्र कुमार भौरिया एसपी रोहतक





