बिहार: आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ ओवैसी ने किया गठबंधन

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ गठबंधन करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों को भी गठबंधन का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।

ओवैसी ने बिहार और तेलंगाना की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम बिहार में चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। वहीं, तेलंगाना के जुबली हिल्स उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव को समर्थन देगी। ओवैसी ने साफ कहा कि उनकी पार्टी जुबली हिल्स से कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी। ओवैसी ने बताया कि एआईएमआईएम ने पहले ही राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीआई(एमएल) और सीपीआई नेताओं को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा था। पार्टी ने तेजस्वी यादव से छह सीटों की मांग भी की थी, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी ने सहयोग नहीं किया, तो हमने खुद चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। अब हम चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मिलकर बिहार में चुनावी मैदान में उतरेंगे। हमारा लक्ष्य बिहार में सरकार बनाना है।

तेलंगाना उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन
तेलंगाना के जुबली हिल्स उपचुनाव पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि यह चुनाव राज्य की सत्ता बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी फिलहाल मुख्यमंत्री हैं और सरकार अगले ढाई से तीन साल तक स्थिर रहेगी। इसलिए एआईएमआईएम इस सीट से कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी और कांग्रेस के नवीन यादव का समर्थन करेगी ताकि क्षेत्र में विकास हो सके। ओवैसी ने कहा कि जुबली हिल्स की जनता ने बीआरएस के पूर्व विधायक को 10 साल का मौका दिया, लेकिन उन्होंने विकास नहीं कराया। अब वोट केवल विकास के नाम पर होना चाहिए, और हम नवीन यादव जैसे युवा नेता को मौका देना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई स्वतंत्र उम्मीदवार एआईएमआईएम के नाम का गलत इस्तेमाल करेगा, तो पार्टी चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी।
अंत में ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम आने वाले वर्षों में बिहार और तेलंगाना दोनों जगह अपने संगठन को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनावों में पार्टी बड़ी रणनीति के साथ कई सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बिहार में हम उन दलों से अलग हैं जो सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं; हमारा फोकस सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों पर रहेगा।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading