लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में चुनावी शंखनाद करते हुए उन्होंने कहा कि “बिहार की जनता ही मेरा परिवार है और अब वही तय करेगी कि मैं कहां से चुनाव लड़ूं।” चिराग ने यह भी कहा कि वह सभी 243 सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे और जनता जहां से कहेगी, वहीं से चुनाव लड़ेंगे।
सत्ता नहीं, बिहारी मायने रखते हैं
उन्होंने साफ किया कि उनके लिए पद नहीं, बल्कि बिहार के लोग अहम हैं। “मैं विधायक बनकर जनता की सेवा करना चाहता हूं,” उन्होंने कहा। साथ ही यह भी दोहराया कि उनकी पार्टी हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास रखती है।
पारिवारिक विवाद पर तीखा हमला
अपने चाचा पशुपति पारस पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि पिता के निधन के बाद उनकी राजनीतिक हत्या की साजिश रची गई थी। “जिन्हें मुझे पालने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही मुझे मेरे घर से निकाल दिया। लेकिन वे भूल गए कि मैं शेर का बेटा हूं।”
राहुल गांधी पर हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि बिहार की जनता उनके बहकावे में न आए। उन्होंने अपने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ विजन को हर घर तक पहुंचाने का आह्वान किया और दावा किया कि इसी सोच से बिहार को देश का नंबर एक राज्य बनाया जाएगा।
‘जंगलराज’ के लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार
चिराग ने कहा कि जंगलराज के लिए केवल राजद नहीं, बल्कि कांग्रेस भी उतनी ही दोषी है क्योंकि दोनों दल उस दौर में सत्ता में थे और उन्होंने राज्य को अराजकता की ओर धकेला।
एनडीए में सीट बंटवारा लगभग तय
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में एनडीए के तहत सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। जदयू को 102-103, बीजेपी को 101-102, लोजपा (रामविलास) को 25-28, हम (सेक्युलर) को 6-7 और रालोम को 4-5 सीटें मिल सकती हैं। जबकि इंडिया गठबंधन में अब भी सीट बंटवारे को लेकर असमंजस है।
कब होंगे चुनाव?
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव उससे पहले कराए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि अक्टूबर या नवंबर तक चुनाव हो सकते हैं और आदर्श आचार संहिता सितंबर-अक्टूबर के बीच लागू हो सकती है।






