जैसलमेर बस हादसे में जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में एक और घायल की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। फिलहाल 6 लोग अब भी इलाजरत हैं। यह भीषण हादसा 16 अक्तूबर को एक चलती एसी बस में अचानक आग लगने से हुआ था।
राजस्थान के जैसलमेर में हुए इस हादसे के बाद से घायलों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को उपचार के दौरान लाठी गांव के ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि ओमप्रकाश को वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन गंभीर झुलसने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। वर्तमान में 6 घायल भर्ती हैं, जिनमें एक वेंटिलेटर पर है जबकि पांच सामान्य वार्ड में उपचाराधीन हैं।
लाठी गांव की इमामत नाम की महिला, जिसने इस हादसे में अपने तीन बच्चों को खो दिया था, इलाज के दौरान खुद भी जिंदगी की जंग हार गई। उसके पति की हालत गंभीर है और उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया है। इस हादसे ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया है।
हादसे के कुछ दिनों बाद 18 अक्तूबर को महिपाल सिंह नाम के युवक की भी मौत हो गई। वे 35 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे और एयरफोर्स परीक्षा देकर घर लौट रहे थे। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे दर्द में तड़पते हुए मदद की गुहार लगाते दिख रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना 16 अक्तूबर की दोपहर हुई थी, जब जैसलमेर जिले में चलती एसी बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। माना जा रहा है कि एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। गेट लॉक हो जाने से कई यात्री बाहर नहीं निकल सके और बस में ही जिंदा जल गए, जबकि कुछ ने खिड़कियां तोड़कर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में स्थानीय पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान समेत 20 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से झुलसे 19 यात्रियों को जोधपुर रेफर किया गया था।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हादसे की जानकारी मिलते ही उसी रात जैसलमेर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बाद में वे जोधपुर अस्पताल भी गए, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और अधिकारियों को बेहतर इलाज व सहायता देने के निर्देश दिए।
वर्तमान में अस्पताल प्रशासन घायलों की हालत पर लगातार नजर रखे हुए है। वहीं, पुलिस और परिवहन विभाग हादसे के तकनीकी कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना गया है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और मामले की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।






