तेजस्वी यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की जीविका दीदियों और संविदाकर्मियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके स्थायीकरण की घोषणा की है। बुधवार को पटना के पोलो रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार के लोग अब बदलाव चाहते हैं। जनता गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। हमने जो वादे किए थे, उन्हें 17 महीने की सरकार में पूरा कर दिखाया। अब महागठबंधन की सरकार बनते ही दो बड़ी घोषणाएं लागू की जाएंगी।
जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा
तेजस्वी यादव ने कहा कि अब तक जीविका दीदियों का लगातार शोषण हुआ है, लेकिन हमारी सरकार बनने पर उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। उनका शुरुआती वेतन 30 हजार रुपये प्रति माह होगा, साथ ही अतिरिक्त कार्यों के लिए 2 हजार रुपये मासिक भत्ता भी दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि जीविका दीदियों के पुराने ऋण पर ब्याज माफ किया जाएगा और आगे दो वर्षों तक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही हर दीदी को पाँच लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा।
संविदाकर्मियों को मिलेगा स्थायी दर्जा
तेजस्वी यादव ने संविदा कर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उर्मिला और बेल्ट्रॉन जैसी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत दो लाख से अधिक संविदाकर्मियों को स्थायी किया जाएगा। अब उनका शोषण नहीं होगा और उन्हें मानसिक, शारीरिक व आर्थिक तनाव से मुक्ति दिलाई जाएगी। तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान में संविदाकर्मियों का बड़ा हिस्सा कमीशनखोरी और जीएसटी कटौती में चला जाता है। सरकार अगर चाह ले, तो इन्हें सीधी सरकारी नौकरी दी जा सकती है, और हम यही करेंगे।
“मां योजना” की घोषणा
तेजस्वी यादव ने एक नई “मां (MAA)” योजना की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि “एम” का अर्थ मकान, “ए” का अर्थ अन्न और “ए” का अर्थ आमदनी है। इस योजना के तहत बिहार की हर मां और बहन को घर, भोजन और आय का साधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही यह योजना लागू की जाएगी।
नियोजित शिक्षकों और सरकारी नौकरी का वादा
तेजस्वी यादव ने कहा कि जैसे हमने नियोजित शिक्षकों को स्थायी किया, वैसे ही राज्य के सभी संविदाकर्मियों को भी स्थायी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर कानून बनाया जाएगा और 20 महीनों के अंदर जिन परिवारों में एक भी सरकारी नौकरी नहीं है, उनके एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
चुनावी रणनीति
इस बार राजद 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। तेजस्वी यादव वैशाली जिले की राघोपुर सीट से मैदान में उतरेंगे, जो उनका पारंपरिक गढ़ है। पार्टी ने 24 महिलाओं को टिकट दिया है, साथ ही 50 यादव और 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। कई नए चेहरों के साथ पुराने नेताओं को भी मौका मिला है, जबकि 76 विधायकों में से 31 को इस बार टिकट नहीं दिया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा, “जो हम कहते हैं, वो करते हैं। आने वाले समय में बिहार का हर परिवार सरकार का हिस्सा बनेगा और एक नए, आत्मनिर्भर बिहार का निर्माण होगा।”






