
राजस्थान के नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। एक निजी कबाड़ गोदाम में लगी इस आग में दो पुरुषों के साथ दो मासूम बालिकाएं जिंदा जल गईं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, वहीं प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मोहलडिया गांव स्थित कबाड़ गोदाम में दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी। गोदाम में प्लास्टिक, रबर सहित अन्य ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग से उठता घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता और पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नीमराना, बहरोड़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां बुलवाईं। लंबे समय तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक चार लोगों की जान जा चुकी थी।
नीमराना के उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के समय सभी मृतक गोदाम के अंदर मौजूद थे और आग तेजी से फैलने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने मामले में सख्ती दिखाते हुए गोदाम मालिक को हिरासत में ले लिया है। यह जांच की जा रही है कि गोदाम के पास जरूरी अनुमति थी या नहीं और अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। आग लगने के कारणों की पड़ताल के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।





