लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में जुट चुकी है। ऐसे में यूपी कांग्रेस को 11 सीटें मिलने की बात पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि पार्टी यूपी में कितनी सीटें लड़ेगी इसकी घोषणा कांग्रेस पार्टी ही करेगी, सपा नहीं। अजय राय ने कहा है कि अभी तो सीट बंटवारे पर बातचीत ही चल रही है। वैसे भी सीट शेयरिंग की घोषणा कांग्रेस करेगी। उनके इस बयान से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी को समाजवादी पार्टी के मुखिया की ये घोषणा रास नहीं आ रही। यह सवाल भी उठता है कि क्या बिना कांग्रेस की सहमति के ही अखिलेश ने 11 सीट देने का ऐलान कर दिया है।
समाजवादी पार्टी वाराणसी लोकसभा सीट के लिए समीक्षा बैठक करने जा रही है। बैठक में समाजवादी पार्टी की बनारस यूनिट के सभी नेता मौजूद रहेंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट की समीक्षा को लेकर रखी गई है। दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच हुए 11 सीटों के समझौते में वाराणसी लोकसभा भी थी। सूत्रों के मुताबिक वाराणसी लोकसभा सीट कांग्रेस सपा गठबंधन के पास जानी तय है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा ने कांग्रेस को 11 सीटें ऑफर की हैं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था, ‘कांग्रेस के साथ 11 मजबूत सीटों से हमारे सौहार्दपूर्ण गठबंधन की अच्छी शुरुआत हो रही है, ये सिलसिला जीत के समीकरण के साथ और भी आगे बढ़ेगा। ‘इंडिया गठबंधन’ की टीम और ‘पीडीए’ की रणनीति इतिहास बदल देगी।’
सपा ने कांग्रेस को अभी 11 सीटें ऑफर की हैं, अगर कांग्रेस अखिलेश यादव को अन्य सीटों पर जीतने वाले उम्मीदवारों के बारे में बताती है तो यह सीटें बढ़ाई भी जा सकती हैं. इससे पहले यूपी में ‘इंडिया गठबंधन’ के तहत सपा और रालोद का गठबंधन हुआ था, जिसके तहत रालोद को 7 सीटें दी गईं हैं। हालांकि, पिछले दिनों सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी कि यूपी में कांग्रेस 80 में से 23 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। वर्तमान में कांग्रेस के पास लोकसभा की यूपी में एकमात्र रायबरेली की सीट ही है।





