ED ने लालू से 10 घंटे में पूछे 70 सवाल

जमीन के बदले नौकरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद से दस घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। सुबह से शुरू हुआ सवालों का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। लालू पहली बार जांच एजेंसी के सामने पेश हुए थे। वे सुबह करीब 11 बजे अपनी बेटी मीसा भारती के साथ पटना स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे. हालांकि, मीसा को अंदर नहीं जाने दिया गया। ईडी ने लालू से 70 सवाल पूछे। रात करीब 9 बजे लालू यादव ईडी दफ्तर से बाहर निकले। हालांकि, लालू खुद को निर्दोष बताकर पूरे मामले से पल्ला झाड़ते रहे। जांच एजेंसी ने लालू से 10 घंटे पूछताछ की और कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 70 सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक, हर सवाल का जवाब देने में लालू को करीब डेढ़ से दो मिनट लगे। ईडी ने लालू से पूछा, नौकरी देने के बदले कितने लोगों से जमीन ली? बैंक रोड स्थित ईडी दफ्तर के बाहर जब लालू पहुंचे यहां पहले से ही समर्थकों की भीड़ जुट चुकी थी। अपने नेता को आते देख कई समर्थक कार के आगे ही लेटे गए। बहुत समझा-बुझाकर इन्हें हटाया गया। ईडी कार्यालय में मीसा भारती को प्रवेश करने से रोक दिया गया। जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बताया उनके पिता बीमार हैं और उठने बैठने में उन्हें परेशानी होती है। साथ ही समय-समय पर दवाएं भी देनी होती हैं। मीसा से दवाओं का समय लेकर ईडी अधिकारी लालू प्रसाद को लेकर अंदर चले गए।

सिंगापुर स्थित लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि उनकी बहन भारती के बार-बार अनुरोध के बाद भी ईडी अधिकारियों ने राजद प्रमुख के किसी भी सहायक को केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में प्रवेश करने और उनके साथ जाने की अनुमति नहीं दी। रोहिणी ने एक्स पर लिखा, हर कोई मेरे पिता की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानता है। वह बिना सहारे के चल भी नहीं सकते। उसके बावजूद ईडी अधिकारियों ने किसी भी सहायक को अपने कार्यालय में प्रवेश करने और उसके साथ जाने की अनुमति नहीं दी। यह अमानवीय व्यवहार है। आपको और आपके मालिकों को शर्म आनी चाहिए। ईडी ने चार्जशीट में लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के कथित ‘करीबी सहयोगी’ अमित कात्याल, घोटाले के कथित लाभार्थी और पूर्व ‘गौशाला’ कर्मचारी हृदयानंद चौधरी और दो कंपनी- एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और एबी एक्सपोर्ट्स प्रा. लिमिटेड को उनके साझा निदेशक शारीकुल बारी के माध्यम से नामजद किया गया है। ईडी सूत्रों ने बताया कि जमीन के बदले नौकरी प्रकरण में लालू प्रसाद से पूछताछ के लिए ईडी की टीम ने करीब 60 सवालों को सूचीबद्ध किया था, जिसे बारी-बारी से लालू प्रसाद के सामने रखा गया। कुछ सवालों के जवाब लालू प्रसाद ने सहजता से दिए, जबकि कुछ जवाब यह कहकर टाल दिए कि उन्हें याद नहीं। पूछताछ का समय जैसे जैसे बढ़ रहा था ईडी कार्यालय के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। शाम ढले सुरक्षा कारणों से प्रवर्तन निदेशालय में सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी को तैनात कर दिया गया। राजद कार्यकर्ता हो-हल्ला करने लगे। इस पर मीसा सामने आई और उन्होंने कहा आप लोग हंगामा करेंगे तो वे और लंबे समय तक लालू प्रसाद का बैठाकर रखेंगे। इसके बाद लोग शांत हुए।

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