
एनएचएआई ने फास्टैग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बैंक ग्राहक को बताए बिना फास्टैग अकाउंट बंद नहीं कर सकेंगे। नई केवाईवी प्रक्रिया से वाहन पंजीकरण आसान होगा।
ग्राहक को जानकारी दिए बिना कोई भी बैंक उसका फास्टैग अकाउंट या कनेक्शन नहीं काट सकेगा। यदि किसी उपयोगकर्ता को किसी भी कारण से दस्तावेज अपलोड करने में कठिनाई होती है, तो संबंधित बैंक ग्राहक से संपर्क करेगा और कनेक्शन काटने से पहले अपने वाहन को जानें (केवाईवी) प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेगा। ग्राहक अब अपने जारीकर्ता बैंक के साथ केवाईवी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कराने से लेकर प्रश्न भी पूछ सकेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सुविधा बढ़ाने और समग्र ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के मकसद से फॉस्टटैग उपयोगकर्ताओं के लिए केवाईवी प्रक्रिया सरल बना दी है। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने बृहस्पतिवार को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। इसके मुताबिक, गैर-अनुपालन वाले वाहनों के लिए फास्टटैग सेवाएं बंद नहीं की जाएंगी। इसके अलावा, अब नए नियमों के तहत ग्राहकों को केवाईवी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। बैंक ग्राहकों को केवाईवी पूरा करने के लिए एसएमएस भेजकर याद दिलाया करेंगे। साइड की फोटो नहीं करनी होगी अपलोड नए नियमों के तहत कार, जीप, वैन की साइड की फोटो अपलोड करना जरूरी नहीं होगा। अब सिर्फ नंबर प्लेट और फास्टटैग वाली सामने की तस्वीर अपलोड करनी होगी। इसके अलावा, वाहन संख्या, चेसिस संख्या या मोबाइल नंबर दर्ज करने पर वाहन से आरसी विवरण अपने आप यानी स्वचालित हो जाएगा। यदि एक ही मोबाइल नंबर पर कई वाहन पंजीकृत हैं तो ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार उस वाहन का चयन कर सकेगा जिसके लिए वह केवाईवी पूरा करना चाहता है। बार-बार नहीं बदलने पड़ेंगे फास्टैग अब बार-बार फास्टटैग नहीं बदलने होंगे। सेवाओं को चालू रखने के लिए अब पहले से जारी फास्टैग टैग ढीले होने या दुरुपयोग की शिकायत न मिलने तक मान्य रहेंगे।
एनएचएआई ने फास्टैग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कोई भी बैंक ग्राहक की अनुमति या जानकारी के बिना उसका फास्टैग खाता बंद नहीं कर सकेगा। नई “अपने वाहन को जानें” (केवाईसी) प्रक्रिया के तहत वाहन पंजीकरण अब पहले से आसान हो गया है।
अगर किसी ग्राहक को किसी कारणवश दस्तावेज अपलोड करने में दिक्कत होती है, तो संबंधित बैंक ग्राहक से संपर्क करेगा और फास्टैग कनेक्शन बंद करने से पहले केवाईवी प्रक्रिया पूरी करने में उसकी मदद करेगा। ग्राहक अब अपने जारीकर्ता बैंक से जुड़ी केवाईवी संबंधी किसी भी समस्या के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग उपयोगकर्ताओं की सुविधा और बेहतर ग्राहक अनुभव के लिए केवाईवी प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने गुरुवार को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, गैर-अनुपालन वाले वाहनों की फास्टैग सेवाएं बंद नहीं की जाएंगी। साथ ही, ग्राहकों को केवाईवी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। बैंक ग्राहकों को एसएमएस के माध्यम से केवाईवी पूरा करने की याद दिलाते रहेंगे।
फोटो अपलोड में राहत:
अब कार, जीप या वैन की साइड फोटो अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। केवल नंबर प्लेट और फास्टैग लगी हुई सामने की तस्वीर ही पर्याप्त होगी। इसके अलावा, वाहन संख्या, चेसिस नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करते ही आरसी विवरण अपने आप सिस्टम में आ जाएगा। अगर एक ही मोबाइल नंबर पर कई वाहन पंजीकृत हैं, तो ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार किसी एक वाहन का चयन कर सकेगा जिसके लिए वह केवाईवी प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।
फास्टैग बार-बार बदलने की जरूरत नहीं:
नए नियमों के तहत अब बार-बार फास्टैग बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से जारी फास्टैग तब तक मान्य रहेंगे जब तक वे क्षतिग्रस्त न हों या उनके दुरुपयोग की शिकायत न मिले।





