भारत की पूर्व प्रधानमंत्री और लौह महिला कही जाने वाली इंदिरा गांधी की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित कई नेताओं ने उनकी समाधि स्थल “शक्ति स्थल” पर पुष्प अर्पित कर उनकी याद में भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति की वह शख्सियत थीं जिन्होंने अपने साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व से देश को नई दिशा दी। पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुत्री होने के बावजूद उन्होंने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 1966 में जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला, तब देश कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा था। उन्होंने दृढ़ता से इन परिस्थितियों का सामना किया और भारत को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भारत ने हरित क्रांति के माध्यम से खाद्यान्न उत्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने गरीबी हटाने के नारे के साथ सामाजिक न्याय की दिशा में कई कदम उठाए। ग्रामीण विकास, बैंकों के राष्ट्रीयकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में भारत ने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध जीता, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ। इस युद्ध ने इंदिरा गांधी की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त और निर्णायक नेता के रूप में स्थापित किया। विदेशी मीडिया ने उन्हें उस समय “द आयरन लेडी ऑफ इंडिया” की संज्ञा दी। हालाँकि उनके शासनकाल में 1975 में लगाया गया आपातकाल एक विवादास्पद निर्णय साबित हुआ। इस कदम को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके समर्थकों का मानना है कि उन्होंने यह फैसला देश की स्थिरता और सुरक्षा के लिए लिया था।
31 अक्टूबर 1984 को एक दुखद घटना में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। इस दिन को देश सदैव एक काले अध्याय के रूप में याद करता है। उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी नीतियाँ और दृष्टि भारतीय राजनीति और समाज में जीवंत बनी हुई हैं। देशभर में आज उनके आदर्शों को याद किया जा रहा है। कई स्थानों पर संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। नेताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी ने यह साबित किया कि महिलाएँ भी राष्ट्र के सर्वोच्च पद तक पहुँच सकती हैं और कठिन से कठिन निर्णय लेने का साहस रखती हैं। इंदिरा गांधी की विरासत आज भी भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में जीवित है। उनके विचार और नेतृत्व आज की पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे।





