एक नागरिक के पास एक ही वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में दो वोटर आईडी कार्ड रखता है, तो यह न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाता है।और इससे बचने के लिए समय रहते गलत कार्ड को रद्द कराना ही बेहतर है।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के पास दो वोटर आईडी कार्ड होने का मामला सामने आया है। इस पर चुनाव आयोग ने जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या एक व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड होना गैरकानूनी है? और अगर हां, तो इसके लिए क्या सजा और जुर्माने का प्रावधान है?
वोटर आईडी कार्ड केवल पहचान पत्र नहीं, बल्कि एक नागरिक का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। इसे भारत का चुनाव आयोग जारी करता है और चुनाव में मतदान के लिए इसकी आवश्यकता होती है। नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति केवल एक वोटर आईडी कार्ड ही रख सकता है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दो कार्ड बनवाता है, तो इसे चुनावी धोखाधड़ी माना जाता है।
क्या है सजा और जुर्माने का प्रावधान
• यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड पाए जाते हैं, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
• इस अपराध में दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की जेल या भारी जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
• यदि आपके पास गलती से दो वोटर आईडी कार्ड आ गए हैं, तो आपको तुरंत एक को रद्द करवाना चाहिए।
• आप चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने अतिरिक्त वोटर कार्ड को कैंसिल कर सकते हैं।
• वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद, पुराना या गलत वोटर आईडी रद्द करने का विकल्प उपलब्ध होता है।
• इसी तरह, यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं, तो वह भी गैरकानूनी है और उसे तत्काल सरेंडर करना चाहिए।




