आंध्र प्रदेश पुलिस ने श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को हुए धार्मिक समारोह के दौरान नौ लोगों की मौत के एक दिन बाद, रविवार को श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
शनिवार को हुए इस हादसे में आठ महिलाओं और एक बच्चे की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। कुछ श्रद्धालु हड्डियां टूटने और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। एकादशी के मौके पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया था।
श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक के.वी. महेश्वर रेड्डी ने बताया कि हादसे को ध्यान में रखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि नौ शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों की हालत अब स्थिर है, जबकि अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
रेड्डी के अनुसार, मंदिर प्रबंधन ने इस कार्यक्रम के लिए न तो आवश्यक अनुमति ली थी और न ही पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन या मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस को पहले से सूचित करना अनिवार्य होता है। श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी मंदिर है, जो बिना उचित स्वीकृति के संचालित किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी ही इस दुर्घटना का कारण बनी।
इस घटना के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर का एकमात्र द्वार बंद था। अंदर पहले से मौजूद श्रद्धालु जब ग्रिल टूटने से नीचे गिरे, तो सीढ़ियों पर इंतजार कर रहे लोगों पर दबाव बढ़ गया और यह भीषण हादसा हो गया।






