
दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मुंबई और उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। देशभर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, हवाईअड्डे और धार्मिक स्थलों की निगरानी तेज कर दी गई है। अयोध्या के राममंदिर और नागपुर स्थित संघ मुख्यालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के नज़दीक एक चलती कार में लाल बत्ती पर जोरदार धमाका हुआ। जिस वाहन में धमाका हुआ, उससे जुड़े खुलासे में उसके तार पुलवामा तक जुड़े होने का संकेत मिला है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस धमाके से पूरा इलाका हिल गया। घटना में कम से कम 10 लोग अपनी जान गंवाकर शहीद हुए और 24 लोग घायल हुए। धमाके के बाद कई मालिकानों की गाड़ियों में आग लग गई। प्रारंभिक जांच में इसे आतंकी हमला होने की आशंका जताई जा रही है। धमाका इतना भयानक था कि प्रभावित लोगों के शरीर के हिस्से आसपास दूर-दूर तक बिखर गए और पास खड़ी गाड़ियों की शीशियां टूट गईं। धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि यह ढाई किलोमीटर दूर आईटीओ चौराहे तक सुनाई दी। अमेरिका ने भी मामले की जांच में मदद की पेशकश की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि सुभाष मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर आई-20 कार में धमाका हुआ। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के मुताबिक़ शाम लगभग 6:52 बजे यह धमाका धीरे चल रही कार में हुआ। शुरुआती जांच में कार में तीन लोग सवार पाए गए और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। एनएसजी, एनआईए, एफएसएल, दिल्ली पुलिस और खुफिया ब्यूरो की टीमें घटनास्थल पर जांच कर रही हैं। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है। दमकल की दस गाड़ियाँ शाम 7:30 तक आग पर काबू पा चुकी थीं। दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग में छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो जलकर खाक हो गए। घायल लोगों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो देखने में विस्फोट की भयंकरता साफ दिख रही है; चांदनी चौक ट्रेडर्स एसोसिएशन के साझा किए वीडियो में शव वाहन पर एक शव पड़ा दिखाई देता है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कई शवों के अंग बिखरे हुए थे। ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय भार्गव ने बताया कि करीब 800 मीटर दूरी पर उनकी इमारत भी हिल गई थी।
धमाका जिस कार (एचआर-26-सीई 7674) में हुआ, उसके पंजीकरण पत्र गुरुग्राम के सलमान के नाम हैं। सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने बताया कि कार पहले ओखला के देवेंद्र को बेच दी गई थी, फिर देवेंद्र ने उसे अंबाला में किसी तीसरे व्यक्ति को बेचा और वहां से कार पुलवामा निवासी तारिक के पास चली गई। पुलिस के मुताबिक़ सीसीटीवी फुटेज में कार तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ी दिखाई देती है। पुलवामा की पुरानी घटना का होना भी जांच का एक पहलू माना जा रहा है।
धमाके की तीव्रता और मिले साक्ष्यों के आधार पर इसे सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत विस्फोट माना जा रहा है। फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के सामान और मौके से मिले धातु के टुकड़े, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के अवशेष और जलने के निशान जांच में शामिल किए गए हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं अमोनियम नाइट्रेट जैसे शक्तिशाली विस्फोटक का उपयोग तो नहीं किया गया। शुरुआती विश्लेषण में संकेत हैं कि डिवाइस साधारण नहीं था और इसमें उच्च प्रदर्शन वाले विस्फोटक मिश्रण व सटीक ट्रिगर सिस्टम का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। हालाँकि एक पुलिस अधिकारी ने दावा भी किया कि घायलों या हताहतों के शरीर में धातु के छर्रे नहीं मिले हैं और न ही किसी बाहरी वस्तु के शरीर में घुसने के प्रमाण दिखे, जो आम बम धमाके में सामान्य नहीं माना जाता। इस बयान को भी जांच में जांचा जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह रात को घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि शीर्ष एजेंसियां पूरी गहनता से जांच कर रही हैं और हर एंगल की पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों व एनएसजी ने मौके से नमूने अपने पास रख लिए हैं और जब तक उनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट नहीं आती, किसी निष्कर्ष पर पहुँचना मुश्किल होगा। शाह ने घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और क्षतिग्रस्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। शाह ने साथ ही कहा कि दिल्ली पुलिस, एनआईए, एनएसजी और एफएसएल की टीमें जांच कर रही हैं और सभी सबूतों का विश्लेषण हो रहा है। घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की भी पड़ताल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गृह मंत्री से जानकारी ली तथा मृतकों पर दुख व्यक्त किया और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रशासन से पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विस्फोट को अत्यंत हृदयविदारक बताया और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुःख जताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने त्वरित तथा गहन जांच की मांग की है ताकि इस चूक के लिए ज़िम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जा सके।





