
एआई समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस प्रदर्शन’ मामले में हिमाचल प्रदेश के यूथ कांग्रेस नेता सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी लेकर पहुंची। दोपहर बाद तीनों को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह हिमाचल प्रदेश पुलिस के खिलाफ किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज करने की बात से इनकार कर रही है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए प्रदर्शन के संबंध में दर्ज मामले में इन तीनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को शिमला पुलिस के साथ करीब 24 घंटे तक चले घटनाक्रम और तनावपूर्ण स्थिति के बाद दिल्ली पुलिस की टीम उन्हें लेकर राजधानी लौटी। अधिकारियों के अनुसार, सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को आगे की कानूनी प्रक्रिया और रिमांड के लिए स्थानीय अदालत में पेश किया गया। यह कार्रवाई 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुए प्रदर्शन से संबंधित एफआईआर के आधार पर की गई है। अब तक इस प्रकरण में कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अब तक की प्रमुख घटनाएं
शिमला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-II) की अदालत ने रोहड़ू से गिरफ्तार तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेजा। देर रात करीब एक बजे एसीजेएम-II एकांश कपिल के आवास न्यायालय में दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका पर सुनवाई हुई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के उपरांत तीनों को अंबाला सिविल अस्पताल से आगे ले जाया गया। इस बीच, रोहड़ू (जिला शिमला) से तीनों कार्यकर्ताओं को लेकर जा रही दिल्ली पुलिस की टीम को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रोक लिया। बिना पूर्व सूचना हिमाचल पहुंची दिल्ली पुलिस की लगभग 20 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम को शिमला के शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाकाबंदी कर रोका गया। दिनभर चले घटनाक्रम और तीखी बहस के बाद देर शाम दिल्ली पुलिस तीनों को लेकर रवाना हुई, लेकिन शोघी नाके पर एक बार फिर उन्हें रोका गया। देर रात तक दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तीन व्यक्तियों को कथित रूप से अगवा किए जाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस को दर्ज एफआईआर की प्रति दिखाई और मामले में सहयोग का आग्रह किया।






