
फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिलीज से ठीक एक दिन पहले केरल हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने फिल्म को फिलहाल सिनेमाघरों में प्रदर्शित न करने का निर्देश दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला
ट्रेलर के बाद बढ़ा विवाद
विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म के ट्रेलर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। खास तौर पर एक दृश्य को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसमें कथित तौर पर एक महिला को जबरन प्रतिबंधित मांस खिलाए जाने का दृश्य दिखाया गया है। इससे पहले मंगलवार को केरल हाईकोर्ट ने फिल्म देखने की इच्छा जताई थी। निर्माताओं ने अदालत को बताया कि फिल्म को सीबीएफसी की मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि याचिकाकर्ताओं ने इसी मंजूरी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और अदालत के अंतिम रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।
15 दिनों के लिए अंतरिम रोक
गुरुवार को केरल हाईकोर्ट ने ‘द केरल स्टोरी 2–गोज़ बियॉन्ड’ की रिलीज पर 15 दिनों की रोक लगाई। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म को प्रमाणपत्र देते समय आवश्यक सावधानी नहीं बरती। यह आदेश फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने दिया। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए तय दिशानिर्देशों का सीबीएफसी द्वारा समुचित पालन नहीं किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्मों के कंटेंट से समाज में तनाव न बढ़े, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में फिल्म निर्माताओं को सीबीएफसी से मिले सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म में केरल की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि फिल्म का शीर्षक और प्रचार सामग्री केरल को नकारात्मक रूप में दिखाते हैं। उनके मुताबिक, फिल्म में ऐसे विषय हैं जो सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। एक याचिका में शीर्षक से ‘केरल’ शब्द हटाने की मांग भी की गई है।





