आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित इन कैमरों को परिवहन विभाग ने एक एकीकृत एप्लिकेशन से जोड़ा है। पेट्रोल पंप पर पहुंचते ही वाहन की नंबर प्लेट सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्कैन की जाएगी। 30 सेकंड के भीतर यह पता चल जाएगा कि वाहन के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र है या नहीं। आने वाले कुछ दिनों में, यदि दिल्ली में कोई वाहन बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंचता है, तो तीन घंटे के भीतर उसे 10 हजार रुपये का चालान ऑनलाइन मिल जाएगा। परिवहन विभाग ने दिल्ली के 100 पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जो सितंबर के अंत से काम करना शुरू कर देंगे। फिलहाल, पिछले साल लगाए गए 25 पेट्रोल पंपों पर इन कैमरों के माध्यम से चालान जारी किए जा रहे हैं। अब तक 26,459 चालान जारी हो चुके हैं।
इन एआई आधारित कैमरों को एकीकृत एप्लिकेशन से जोड़ा गया है। जैसे ही वाहन पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा, सीसीटीवी कैमरों द्वारा उसकी नंबर प्लेट स्कैन होगी, और 30 सेकंड में यह जानकारी मिल जाएगी कि वाहन के पास वैध पीयूसी है या नहीं। यदि नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर लगी स्क्रीन पर यह सूचना प्रदर्शित की जाएगी और वाहन मालिक को पीयूसी बनवाने के लिए एक संदेश भेजा जाएगा। यदि तीन घंटे के भीतर प्रदूषण जांच नहीं करवाई जाती, तो 10 हजार रुपये का चालान ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। दिल्ली में पंजीकृत वाहनों की संख्या 82 लाख से अधिक है, जिसमें से 26.2 लाख वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पीयूसी प्रमाणपत्र यह सूचित करता है कि वाहन का उत्सर्जन निर्धारित मानकों के भीतर है। बिना पीयूसी वाले वाहनों में ज्यादातर दोपहिया वाहन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अपने वाहनों का स्थानीय स्तर पर उपयोग करते हैं और जांच से बच जाते हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच के कारण वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। वैध पीयूसी होना न केवल नियमों का पालन करना है, बल्कि यह प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की जांच सिर्फ सीसीटीवी कैमरे ही नहीं करेंगे, बल्कि बाइक सवार टीमें भी चालान जारी करेंगी। इसके लिए 30 बाइक सवार टीमों को विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तैनात किया गया है। चालान भरने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन सेवा शुरू की है, और इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ जोड़ा गया है। वैध पीयूसी न होने पर वाहन मालिकों को एसएमएस और व्हाट्सएप पर रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। हाल ही में, दिल्ली सरकार ने पेट्रोल, सीएनजी और डीजल वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र के शुल्क में वृद्धि की है। अब दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 100 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये कर दिया गया है।
दिल्ली में बिना पीयूसी प्रमाणपत्र के वाहनों का सीसीटीवी के द्वारा कटेगा चालान




