असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, अब एनआरसी नंबर के बिना नहीं बनेगा आधार

असम में आधार कार्ड के लिए सभी नए आवेदकों को अब राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की आवेदन रसीद संख्या जमा करनी होगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की। हालांकि, यह नियम उन 9.55 लाख लोगों पर लागू नहीं होगा, जिनके बायोमेट्रिक्स एनआरसी प्रक्रिया के दौरान लॉक कर दिए गए थे, और उन्हें उनके कार्ड बिना इस प्रक्रिया के मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से अवैध विदेशियों का आना रुक जाएगा। पिछले दो महीनों में कई बांग्लादेशी पकड़े गए हैं और उन्हें पड़ोसी देश को सौंपा गया है।
हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, असम में घुसपैठियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, और इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवैध प्रवेश रोकने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। असम सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक 54 घुसपैठियों को पकड़ा गया है। इनमें करीमगंज जिले में 48, बोंगईगांव जिले में 4, और हाफलोंग जीआरपी और धुबरी जिले में एक-एक व्यक्ति पकड़ा गया है। इनमें से 45 लोगों को उनके देश वापस भेज दिया गया, जबकि 9 को करीमगंज में गिरफ्तार किया गया। सरकार को ऊपरी और उत्तरी असम के जिलों में संदिग्ध गैर-भारतीय नागरिकों और विदेशी मूल के व्यक्तियों की मौजूदगी की भी खबरें मिल रही हैं, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
सरकार ने असम पुलिस सीमा संगठन को घुसपैठियों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सीमा निगरानी को और मजबूत करने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। इसमें खुफिया जानकारी संग्रह, समुदाय जागरूकता, कानूनी कार्रवाई, अतिरिक्त बलों की तैनाती, और संदिग्ध व्यक्तियों के बायोमेट्रिक्स और आधार संख्या एकत्र करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम में जनसंख्या से अधिक आधार कार्ड के लिए आवेदन आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां संदिग्ध नागरिक मौजूद हो सकते हैं। अब आधार कार्ड बनवाना आसान नहीं होगा और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की सख्ती अपनाई जाएगी। नए आधार कार्ड के लिए जिला उपायुक्त द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिसके बाद ही आधार कार्ड बनाया जा सकेगा।

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