प्रदेश कैबिनेट की आज हुई बैठक में देवभूमि परिवार योजना लागू करने का बड़ा निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत अब उत्तराखंड में रह रहे सभी परिवारों की पहचान के लिए अलग आईडी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतन से संबंधित मामलों के लिए मंत्रिमंडल की एक उप समिति गठित की जाएगी, जो दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब उपनल के माध्यम से विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, आपदा में मृतक आश्रितों को मुआवजा चार लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। पक्का मकान ध्वस्त होने की स्थिति में भी पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भी एक उप समिति बनाई जाएगी, जो इसके लिए कट-ऑफ डेट निर्धारित करेगी।
कुल मिलाकर, आज की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें सबसे प्रमुख रहा, देवभूमि परिवार योजना का शुभारंभ, जिसके तहत हर परिवार को एक अलग पहचान मिलेगी।
उत्तराखंड में लागू होगी देवभूमि परिवार योजना, 12 अन्य प्रस्तावों पर भी लगी मुहर





