सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा को तीन दिनों के लिए रोक दिया गया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ दरक गया, जिससे मुनकटिया से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पूरी तरह से बंद हो गया है। दोनों ओर से यातायात ठप हो गया है।
मंगलवार शाम साढ़े छह बजे, बारिश के दौरान एक बड़ी चट्टान ढहकर सड़क पर गिर पड़ी। उस समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने ऐहतियातन सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा जमा हो गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते दोनों स्थानों पर यात्रियों को रोकना पड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि दो मशीनों से मलबा हटाने का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश और अंधेरे के कारण दिक्कतें आ रही हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो बुधवार सुबह 7 बजे तक मार्ग को खोलने की उम्मीद है।
2000 श्रद्धालु रवाना, 1300 लौटे
बारिश के बावजूद मंगलवार को लगभग 2000 श्रद्धालु सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। वहीं, शाम 5 बजे तक 1300 यात्री दर्शन कर वापस लौट चुके थे। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। सुबह 6 बजे से यात्रा शुरू की गई और बीच-बीच में तेज बारिश होने पर यात्रियों को रोका भी गया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अधिकांश श्रद्धालु सुरक्षित केदारनाथ पहुंच गए थे।





