अल-फलाह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने एक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का इन व्यक्तियों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम से अत्यंत दुखी हैं और इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
यूपी एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल की टीमें फिलहाल अल-फलाह विश्वविद्यालय परिसर में जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां छात्रों और स्टाफ से पूछताछ कर रही हैं, और पुलिस टीमें लगातार परिसर के भीतर जा रही हैं। इसी बीच, कुलपति प्रो. डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने पुनः बयान जारी करते हुए कहा, “हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से व्यथित हैं और इसकी निंदा करते हैं। हमें जानकारी मिली है कि हमारे दो डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। विश्वविद्यालय का इन व्यक्तियों से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है; वे केवल अपनी आधिकारिक भूमिका में यहां कार्यरत थे। हम ऐसे सभी झूठे और अपमानजनक आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं।”
कुलपति ने आगे कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ या संदिग्ध सामग्री न तो उपयोग की जा रही है, न ही संग्रहीत या संभाली जा रही है। विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाएं केवल एमबीबीएस छात्रों और अन्य अधिकृत पाठ्यक्रमों की शैक्षणिक तथा प्रशिक्षण आवश्यकताओं के लिए ही उपयोग में लाई जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय पूरी तरह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जांच अधिकारी तार्किक, निष्पक्ष और ठोस निष्कर्ष तक पहुंच सकें।






