ईंधन दक्षता के नए नियमों पर सरकार और ऑटो उद्योग में सहमति के संकेत

अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे कैफे-III के मानक

भारत में ईंधन दक्षता मानकों के अगले चरण को लेकर सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग के बीच बातचीत तेज हो गई है। हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ‘कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता’ (कैफे-III) के मसौदा नियमों पर सहमति बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। संकेत हैं कि इन नए नियमों को अप्रैल 2027 से लागू किया जा सकता है। यह अहम बैठक ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा आयोजित की गई, जो विद्युत मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। साथ ही, ऑटोमोबाइल कंपनियों (OEMs) और उद्योग के अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपनी राय रखी। कैफे-III के मसौदे को लेकर छोटे और बड़े वाहन निर्माताओं के बीच मतभेद सामने आए। छोटे कार निर्माताओं का तर्क था कि वाहन के वजन और कीमत के आधार पर उन्हें कुछ छूट मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, बड़े वाहन निर्माताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि अलग-अलग मानदंड लागू करने से बाजार में असंतुलन पैदा हो सकता है और सुरक्षा मानकों पर भी असर पड़ सकता है।

नए ड्राफ्ट पर उद्योग की सहमति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ताजा मसौदे को उद्योग जगत ने काफी हद तक स्वीकार कर लिया है। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य कंपनियों पर दंड लगाना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार ने वाहन निर्माताओं को केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर न रहने की सलाह दी है। इसके बजाय हाइब्रिड, फ्लेक्स-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस जैसे वैकल्पिक स्वच्छ ईंधनों को भी अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि कंपनियों के पास नियमों का पालन करने के कई विकल्प उपलब्ध हों।

क्रेडिट ट्रेडिंग सिस्टम की व्यवस्था
मसौदा नियमों में एक क्रेडिट ट्रेडिंग सिस्टम भी शामिल है। इसके तहत जो कंपनियां निर्धारित लक्ष्य से अधिक उत्सर्जन में कमी लाएंगी, वे अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट अन्य कंपनियों को बेच सकेंगी। वहीं, लक्ष्य पूरा न करने वाली कंपनियां BEE से क्रेडिट खरीदकर अपनी कमी पूरी कर सकेंगी। सरकार इन नियमों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है। कैफे-III मानक अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे और 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे। इन नियमों से देश में अधिक ईंधन-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading