वित्त वर्ष 2024-25 में राजस्थान से करीब 61.5 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की, जिनमें से लगभग 43 लाख ने जयपुर एयरपोर्ट का उपयोग किया। जयपुर के बाद उदयपुर और जोधपुर एयरपोर्ट सबसे व्यस्त रहे।
लंबे इंतज़ार के बाद बाड़मेर के उत्तरलाई एयरपोर्ट परियोजना को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। छह साल से अटके इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान सरकार ने भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। यह निर्णय सोशल इंपैक्ट सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद लिया गया है। नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार उत्तरलाई हवाई अड्डे पर नए सिविल एन्क्लेव और एप्रोच रोड के निर्माण के लिए कुल 64.43 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसमें से 62.96 एकड़ भूमि चकलाणी, बेरीवाला और लालाणियों की ढाणी गांवों की निजी खातेदारी भूमि है, जिसे अधिग्रहित किया जाएगा। सोशल इंपैक्ट सर्वे ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से होने वाला लाभ सामाजिक लागत और संभावित नुकसान से कहीं अधिक है। इसके तहत कुल 428 खातेदारों की भूमि का अधिग्रहण होगा। उपखंड अधिकारी बाड़मेर को भूमि अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त किया गया है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासक भी नामित हो चुका है। अब अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे बाड़मेर को लंबे समय से प्रतीक्षित हवाई सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। एयरपोर्ट निर्माण से पहले अनिवार्य सोशल इंपैक्ट सर्वे एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी ने छह महीनों में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंप दी। इसके बाद ग्रामीणों की आपत्तियों के निस्तारण के लिए जनसुनवाई की गई। सभी आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज करने के बाद पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। तीन माह पहले जिला प्रशासन ने रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी और अब भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
2019 में हुई थी घोषणा
बाड़मेर एयरपोर्ट की घोषणा 2019 में उड़ान योजना के तहत हुई थी। उस समय UIT ने एयरफोर्स स्टेशन के पास भूमि उपलब्ध कराई थी, लेकिन निर्माण एजेंसी ने उसे अपर्याप्त बताया। केंद्र और राज्य सरकारों के अलग-अलग दलों में होने के कारण परियोजना अटक गई। अब नई राज्य सरकार आने के बाद 65 एकड़ भूमि पर सहमति बनी, सोशल इंपैक्ट सर्वे पूरा हुआ और रिपोर्ट के आधार पर अधिसूचना जारी कर दी गई है। बाड़मेर तेल क्षेत्र में काम कर रही बड़ी कंपनियों ने एयरपोर्ट बनने पर 30% यात्री भार वहन करने का वादा किया था। एयरपोर्ट शुरू होने से सेना, बीएसएफ, वायुसेना, उद्योग जगत, पर्यटन क्षेत्र और आम यात्रियों को महत्वपूर्ण सुविधा मिलेगी। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार, निवेश और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे तथा बाड़मेर की राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच मजबूत होगी।
राजस्थान में कुल 7 एयरपोर्ट
वर्तमान में राजस्थान में 7 एयरपोर्ट हैं, जिनमें से कोटा एयरपोर्ट बंद है। जयपुर सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहाँ रोज़ लगभग 19,000 यात्री आते हैं। जयपुर प्रदेश का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी है। उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, किशनगढ़ और बीकानेर के नाल एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। कोटा का पुराना एयरपोर्ट करीब 20 साल से बंद है। कोटा-बूंदी क्षेत्र में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शम्भुपुरा गांव में बनाया जा रहा है, जहाँ से दिसंबर 2027 तक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। इससे कोटा के लाखों छात्रों, अभिभावकों और पर्यटकों को राहत मिलेगी।






