यूपी: ड्रिलिंग के दौरान खदान धंसी; एक मजदूर की मौत, 15 के दबे होने की आशंका

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम से लौट चुके थे। उनके प्रस्थान के लगभग आधे घंटे बाद बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान मलबा अचानक धसक गया। आशंका है कि करीब 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।

शनिवार दोपहर ओबरा थाना क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी खदान में ड्रिलिंग के समय पत्थर की खदान का एक हिस्सा ढह गया। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हो गई और कई श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी मिली है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं। एक शव बरामद कर लिया गया है और बचाव अभियान जारी है। परसाई ग्राम पंचायत के टोला अमिरिनिया के रहने वाले राजू सिंह गोंड (28), पुत्र त्रिवेणी सिंह गोंड का शव देर रात दो बजे मिला। उसकी पहचान जेब में मिले मोबाइल के नंबर से हुई, जिसे मृतक के भाई सोनू सिंह ने पुष्टि की। ओबरा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय 15 से अधिक मजदूर खदान में काम कर रहे थे। ब्लास्टिंग के लिए नौ कंप्रेशर मशीनों से होल बनाए जा रहे थे। घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम कुछ ही किलोमीटर दूरी पर संपन्न हुआ था। उनके जाने के करीब आधे घंटे बाद ही खदान धसकने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ की टीम को राहत कार्य के लिए बुलाया गया। दो मजदूरों की मौत की चर्चा भी सामने आई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते शनिवार को खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग रोक दी गई थी। इसी कारण राजकीय पीजी कॉलेज ओबरा के पास स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग की खदान में ब्लास्टिंग के लिए होल बनाने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस कार्य में नौ कंप्रेशर मशीनें और 18 से अधिक मजदूर लगे हुए थे। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक खदान की एक दीवार टूटकर नीचे आ गिरी, जिससे मलबा लगभग 150 फीट नीचे जाकर गिरा और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हुए और अल्ट्राटेक, ओबरा तथा अन्य परियोजनाओं की राहत टीमों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया।
डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने भी स्थिति का जायजा लिया। बताया जाता है कि अधिकांश मजदूर पनारी गांव के रहने वाले हैं। गांव के प्रधान पति लक्ष्मण यादव ने दो मजदूरों की मौत का दावा किया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खदान गहरी होने के कारण पोकलेन से मलबा हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि मेसर्स कृष्णा माइनिंग में यह हादसा हुआ है और कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। बचाव कार्य जारी है। वाराणसी से एनडीआरएफ और मिर्जापुर से एसडीआरएफ की टीमें बुलाई गई हैं। मलबा हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि बिरसा मुंडा जयंती के दिन ऐसी घटना होना अत्यंत दुखद है। सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है। ब्लास्टिंग बंद करने की पूर्व सूचना होने के बावजूद काम क्यों कराया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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