सहारनपुर के देवबंद के उलेमा कारी इरशाद गोरा ने ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह कोई अपराध नहीं, बल्कि गर्व की बात है। उन्होंने कानपुर में पोस्टर लगाने वालों पर दर्ज एफआईआर को गलत ठहराते हुए सरकार से पुलिस विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने लोगों से हिंसा से दूर रहने और संवैधानिक व कानूनी रास्ता अपनाने की अपील की।
कारी इरशाद गोरा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर व्यक्ति को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने कानपुर में लगे पोस्टरों पर हुई एफआईआर को पुलिस पर बने दबाव का नतीजा बताया और कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस विभाग पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लाम हिंसा का नहीं, बल्कि सब्र और समझदारी का पैगाम देता है। इसलिए लोगों को उकसावे में न आकर कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।
गोरा ने कहा कि ‘आई लव मोहम्मद’ कहना न तो अपराध है और न ही गुनाह, बल्कि यह गर्व की बात है। उनका कहना है कि अगर किसी पर एफआईआर दर्ज की जाती है तो पुलिस को निलंबित करने के साथ ही सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि हमारा देश लोकतांत्रिक है और संविधान हमें अपने धार्मिक अधिकारों के पालन की पूरी स्वतंत्रता देता है, इसलिए किसी भी स्थिति में हिंसा से बचना जरूरी है।
देवबंद के उलेमा ने कहा, ‘आई लव मोहम्मद, गुनाह नहीं, गर्व की बात’




