उत्तर प्रदेश के संभल जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद के बाग पर प्रशासन ने बुलडोज़र चलाया। यह कार्रवाई उस सरकारी ज़मीन पर की गई, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्ज़ा कर उसे निजी बाग में बदल दिया गया था।
शनिवार (6 सितंबर) को मंडल गांव (तहसील संभल) में राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी ज़मीन को कब्ज़ा मुक्त कराया। जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 221, जो राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि दर्ज है, पर अवैध रूप से पौधारोपण कर उसे बाग में शामिल किया गया था। इसके अलावा आसपास की अन्य गाटा संख्याओं पर भी कब्ज़ा दर्ज पाया गया, जिनमें विधायक इकबाल महमूद और उनके परिजनों के नाम शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कब्जाई गई भूमि पर चारदीवारी खड़ी कर दी गई थी। वहीं, अवैध रूप से एक कटहल का पेड़ काटे जाने का मामला भी सामने आया। इस पर वन विभाग ने मौके पर जांच कर स्पष्ट किया कि जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पेड़ काटने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान राजस्व, सिंचाई और वन विभाग की संयुक्त टीम ने नापजोख और सीमांकन कर ज़मीन को पुनः सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए कड़े प्रबंध किए जाएंगे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कब्ज़ा काफी समय से था और शिकायतें भी बार-बार उठाई जाती रही थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि मामला सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री इकबाल महमूद से जुड़ा हुआ है।
जिला प्रशासन ने दोहराया कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो, सरकारी भूमि पर कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान प्रशासन की अवैध कब्ज़ों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत पहले भी कई जगहों से सरकारी ज़मीन मुक्त कराई जा चुकी है।






