दुबई एयरशो 2025 में भाग लेते समय शुक्रवार को भारत के तेजस फाइटर जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के पायलट नमांश स्याल शहीद हो गए। यह स्वदेशी लड़ाकू विमान लोकल समय के अनुसार दोपहर में प्रैक्टिस और डेमो फ्लाइट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां के निवासी विंग कमांडर नमांश स्याल अपने अनुशासन और बेहतरीन सर्विस रिकॉर्ड के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हमीरपुर जिले के सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से पूरी की थी। उनके परिवार में माता-पिता, वायु सेना अधिकारी पत्नी और छह साल की बेटी है। उनके पिता जगन नाथ पूर्व में सेना में अधिकारी रहे थे और बाद में हिमाचल शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल बने। हादसे के समय उनकी मां बीना देवी हैदराबाद में थीं। बताया गया कि स्याल परिवार का घर कई दिनों से बंद था।
दुर्घटना शुक्रवार दोपहर 2:08 बजे तब हुई, जब तेजस जेट एयर शो में हवाई करतब दिखा रहा था और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। परफेक्ट माने जाने वाले सेफ्टी रिकॉर्ड के बावजूद यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विशेषज्ञों ने विमान के अंतिम पलों का विश्लेषण किया है। उनका मानना है कि पायलट उस समय ‘बैरल रोल’ नाम का करतब करने की कोशिश कर रहे थे। इस मैनूवर में विमान पूरी तरह घूमता है और फिर ऊपर उठता है। यह जटिल तो नहीं, लेकिन जोखिम भरा जरूर होता है क्योंकि इसमें पायलट कुछ देर तक उलटे एंगल में होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेजस शो के दौरान एक परफेक्ट लूप बनाना चाहता था, पहले ऊपर उठना, फिर उल्टा होना और फिर नीचे आते हुए दोबारा ऊपर उठना। लेकिन माना जा रहा है कि विमान जमीन के काफी करीब था और पर्याप्त ऊंचाई व गति न होने के कारण वह दोबारा ऊपर नहीं उठ सका और अंततः क्रैश हो गया।






