
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकतंत्र की भावना को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। थरूर ने कहा कि चुनाव विचारों और नीतियों की लड़ाई होती है, इसलिए उसे पूरी ताकत से लड़ा जाना चाहिए, लेकिन जब जनता अपना फैसला सुना दे, तो राजनीतिक दलों को राष्ट्रहित में मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी ऐसा व्यवहार देखने की आवश्यकता है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करने के कारण थरूर को अपनी ही पार्टी की आलोचना झेलनी पड़ी थी। थरूर का यह पोस्ट उस समय सामने आया है जब वे पहले भी केंद्र सरकार के कुछ फैसलों की प्रशंसा कर चुके हैं, जिससे उनकी पार्टी अक्सर असहज होती रही है। हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान की सराहना की थी और कहा था कि वह एक आर्थिक दृष्टि और सांस्कृतिक संदेश, दोनों का मेल था।
शशि थरूर अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं और कई मौकों पर पीएम मोदी की तारीफ भी कर चुके हैं, जिसके चलते वे कई बार कांग्रेस के निशाने पर आते रहे हैं। अब X (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने फिर लोकतांत्रिक शिष्टाचार की बात उठाई है। थरूर ने लिखा कि राजनीतिक बहस और चुनाव मजबूती से लड़े जाएं, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद राष्ट्र के व्यापक हितों के लिए साथ काम करना जरूरी है। उनके इस बयान के बाद भी कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उन पर सवाल उठाए। संदीप दीक्षित ने उन्हें पाखंडी कहा, जबकि एक अन्य नेता ने कहा कि पीएम के भाषण में प्रशंसा योग्य कुछ नहीं था।
अपने पोस्ट में थरूर ने डोनाल्ड ट्रंप और ममदानी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “लोकतंत्र को ऐसे ही चलना चाहिए। विचारों के लिए लड़ें, लेकिन निर्णय के बाद राष्ट्रहित के लिए सहयोग करें। भारत में भी मैं ऐसा माहौल देखना चाहूंगा और इसके लिए मैं अपना योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं।”






