
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने अंतरिम यूनुस सरकार पर लोकतंत्र कमजोर करने और देश को अराजकता की ओर ले जाने का आरोप लगाया है। एएनआई को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के फैसले न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं।
शेख हसीना ने दावा किया कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और उन्हें अपनी पसंद के वकील तक नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल का इस्तेमाल अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने उस्मान हादी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना बांग्लादेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण है। उनके अनुसार, यूनुस शासन में हिंसा और कट्टरपंथ बढ़ा है, जिसका असर देश की आंतरिक स्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर पड़ रहा है।
आगामी चुनावों पर शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग के बिना होने वाला कोई भी चुनाव लोकतांत्रिक नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सरकार के पास शासन करने का नैतिक अधिकार नहीं रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जब बांग्लादेश में लोकतंत्र और स्वतंत्र न्यायपालिका बहाल होगी, तब देश सही दिशा में आगे बढ़ सकेगा।






