अमेरिका की नई सोशल मीडिया जांच नीति के कारण हजारों भारतीय H-1B और H-4 वीजा धारक भारत में फंस गए हैं। अमेरिकी दूतावास ने दिसंबर 2025 के कई वीजा इंटरव्यू रद्द कर दिए हैं और नई तारीखें मार्च 2026 या उससे आगे की दी जा रही हैं। नई नीति के तहत वीजा आवेदकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स सार्वजनिक रखने होंगे। इसके चलते वीजा प्रक्रिया धीमी हो गई है और दूतावासों में इंटरव्यू की संख्या घट गई है। इसका सीधा असर उन भारतीय पेशेवरों पर पड़ा है, जो छुट्टियों या पारिवारिक कारणों से भारत आए थे।
गूगल, एप्पल और अमेजन जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दी है। कई कंपनियां वैकल्पिक रूप से रिमोट वर्क की व्यवस्था कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल वीजा समस्या नहीं है, बल्कि इससे भारतीय पेशेवरों के करियर, परिवार और अमेरिका-भारत के तकनीकी संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। कई इमिग्रेशन वकीलों ने इसे अब तक की सबसे बड़ी अव्यवस्था बताया है और चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो हजारों लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।
H-1B वीजा धारक भारत में फंसे, नई अमेरिकी नीति से बढ़ी मुश्किलें






