
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में आयोजित पार्टी बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहा है।
ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गलतियां की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जानबूझकर कुछ समुदायों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मटुआ समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि उनके मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के एजेंटों को सतर्क रहने का निर्देश दिया और कहा कि जो लोग इस प्रक्रिया के दौरान निष्क्रिय रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।






