गोवा के अरपोरा स्थित रेस्टोरेंट–नाइटक्लब में लगी भीषण आग की जांच तेज हो गई है। दिल्ली में छापेमारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया। इमिग्रेशन रिकॉर्ड में पता चला कि दोनों आरोपी घटना के तुरंत बाद थाईलैंड के फुकेट के लिए उड़ान भरकर देश छोड़ चुके थे। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है। पुलिस के अनुसार, आधी रात के आसपास हादसा होने के कुछ घंटे बाद ही दोनों आरोपी 7 दिसंबर की सुबह करीब 5:30 बजे मुंबई से फुकेट रवाना हो गए, जिससे साफ है कि वे जांच से बचने की कोशिश में थे। दिल्ली में छापेमारी के दौरान दोनों अपने घरों पर नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिया। इस बीच, एक अन्य आरोपी भारत कोहली को दिल्ली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है।
इंटरपोल से समन्वय कर रही गोवा पुलिस
दोनों आरोपियों के विदेश भागने की जानकारी मिलते ही गोवा पुलिस ने मुंबई इमिग्रेशन ब्यूरो और सीबीआई के इंटरपोल डिवीजन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए सभी 25 लोगों के पोस्टमार्टम पूरे हो चुके हैं और शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। वारदात की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम लगातार काम कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की सहायता भी ली जा रही है।
सात दिनों में सुरक्षा ऑडिट के आदेश
25 लोगों की मौत के बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने गोवा के सभी नाइटक्लब, रेस्तरां, बार, इवेंट वेन्यू और इसी तरह के प्रतिष्ठानों को सात दिनों के भीतर आंतरिक सेफ्टी ऑडिट करने का आदेश दिया है। यह रिपोर्ट जिला प्रशासन, एसडीएमए अथवा फायर सर्विसेज की टीम किसी भी समय जांच के लिए मांग सकती है। सरकार ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अवहेलना पर लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडवाइजरी में कहा गया है कि हर जगह अधिकतम क्षमता का बोर्ड प्रदर्शित किया जाए और किसी भी परिस्थिति में भीड़ निर्धारित सीमा से अधिक न हो। सभी फायर अलार्म, स्मोक और हीट डिटेक्टर, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर, होज़ रील और आग बुझाने वाले उपकरण पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। साथ ही, सभी आपातकालीन निकास खुले, रोशन और अवरोध-मुक्त रखना अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण तथा हर शिफ्ट में एक फायर सेफ्टी अधिकारी की नियुक्ति भी जरूरी की गई है।
पूरा राज्य ऑडिट की जद में
सात दिनों के भीतर सभी प्रतिष्ठानों का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर प्रतिष्ठान बंद करने से लेकर लाइसेंस निलंबित या रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। जांच में सामने आया है कि अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब, जहां शनिवार रात आग लगी थी, के पास फायर विभाग का एनओसी तक नहीं था और लाइसेंस भी अधूरे दस्तावेजों पर जारी किया गया था। छोटे एग्जिट गेट और संकरे पुल के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए, जिससे बड़ी संख्या में मौतें हुईं।






