बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। राजबाड़ी जिले के पंगशा इलाके में बुधवार रात भीड़ ने एक और हिंदू युवक अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस ताजा घटना के बाद देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।
कानून-व्यवस्था के लगातार बिगड़ते हालात के बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डेली स्टार के अनुसार, 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था संभालने को लेकर सरकार की बेचैनी बढ़ी हुई थी। सूत्रों ने बताया कि जुलाई के विद्रोह के बाद 10 नवंबर 2024 को खुदा बख्श को विशेष सहायक बनाया गया था, जिनसे पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों में अनुशासन और मनोबल बहाल करने की अपेक्षा थी।
उधर दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में नामजद चारों आरोपियों तारिक हुसैन, मानिक मिया, निजामुल हक और अजमल छागिल ने वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपराध स्वीकार कर लिया है। इस हत्या के बाद ढाका समेत देश के कई हिस्सों में फैक्ट्री कर्मियों, छात्रों और मानवाधिकार संगठनों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए थे। भारत ने भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
आज मतदाता पंजीकरण कराएंगे तारिक रहमान
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान शुक्रवार को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराएंगे और आज ही उन्हें पहचान पत्र मिलने की संभावना है। वे शनिवार को बोगुरा-6 निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, जिसे आगामी संसदीय चुनावों में उनकी सक्रिय सियासी एंट्री का संकेत माना जा रहा है। हत्या की घटनाओं के बाद तारिक रहमान ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव होगा जब 2026 के आम चुनाव में उनकी पार्टी जीत हासिल करेगी।
17 साल बाद लंदन से लौटे तारिक रहमान के बांग्लादेश पहुंचते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को वे जियाउर्रहमान की कब्र पर श्रद्धांजलि देंगे, जुमे की नमाज में शामिल होंगे और इसके बाद राष्ट्रीय शहीद स्मारक का भी दौरा करेंगे।






