सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया है, जबकि देश भर के राजभवन अब ‘लोकभवन’ कहलाएंगे। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने केंद्रीय सचिवालय का नाम भी बदलते हुए उसे ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया है।
मंगलवार को केंद्र सरकार ने ये बड़े बदलाव घोषित किए। अब प्रधानमंत्री कार्यालय को आधिकारिक रूप से ‘सेवा तीर्थ’ नाम से जाना जाएगा। इसी तरह, केंद्रीय सचिवालय का नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ होगा। इसके साथ ही देशभर में स्थित राजभवनों को ‘लोकभवन’ नाम देने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने दिल्ली के राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया था और प्रधानमंत्री आवास का नाम ‘लोक कल्याण मार्ग’ रखा गया था।
गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में बताया कि पिछले वर्ष हुए राज्यपाल सम्मेलन में यह सुझाव दिया गया था कि ‘राजभवन’ शब्द औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है, इसलिए इसे बदलकर ‘लोकभवन’ करना चाहिए। मंत्रालय ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि आधिकारिक कार्यों में राज्यपाल और उपराज्यपाल के कार्यालयों के लिए ‘लोकभवन’ और ‘लोक निवास’ नामों का उपयोग किया जाए।
किन राज्यों ने बदला नाम:
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा ने अपने राजभवनों का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ कर दिया है। वहीं, लद्दाख में राज निवास को ‘लोक निवास’ नाम दिया गया है। अब राजस्थान भी इस सूची में शामिल हो चुका है और उसने भी अपने राजभवन का नाम बदलने की घोषणा कर दी है।




