आसाराम मामले में हाई कोर्ट को तीन माह में अपील निपटाने के निर्देश- सुप्रीम कोर्ट

यौन-शोषण के बहुचर्चित मामले में दोषसिद्ध स्वयंभू संत आसाराम बापू की अंतरिम चिकित्सा जमानत रद्द करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा दी गई राहत में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। साथ ही शीर्ष अदालत ने वर्ष 2018 से लंबित आपराधिक अपील पर गंभीर चिंता जताते हुए हाई कोर्ट को इसे तीन माह के भीतर निपटाने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाई कोर्ट द्वारा प्रदान की गई चिकित्सा जमानत को रद्द करना उचित नहीं होगा। हालांकि पीठ ने माना कि अपील का इतने वर्षों तक लंबित रहना न्यायिक प्रक्रिया पर प्रश्न उठाता है और इसका जल्द निस्तारण आवश्यक है। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने तर्क दिया कि आईपीसी और पोक्सो जैसे गंभीर अपराधों में दोषसिद्ध व्यक्ति को बार-बार अंतरिम राहत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आसाराम ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और चिकित्सा जमानत अवधि में सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आसाराम की चिकित्सा स्थिति ‘वनस्पतिक अवस्था’ जैसी नहीं है, जैसा हाई कोर्ट ने माना था। राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा और अधिवक्ता सोनाली गौर ने शिकायतकर्ता के तर्कों का समर्थन किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत पेश हुए। राज्य ने अपील में हो रही असामान्य देरी और पहले हुए जमानत शर्तों के उल्लंघन की ओर भी कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया।

सजा और लंबित अपील
ट्रायल कोर्ट ने 15 अप्रैल 2018 को आसाराम को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ दायर अपील राजस्थान हाई कोर्ट में 2018 से लंबित है। आसाराम की उम्र (86 वर्ष) और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने उनकी सजा को निलंबित करते हुए अंतरिम चिकित्सा जमानत प्रदान की थी। जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई गई थीं, जिनमें विदेश न जाना, समय-समय पर चिकित्सा रिपोर्ट जमा करना और अवधि पूरी होने पर आत्मसमर्पण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर अंतरिम जमानत रद्द करना उचित नहीं है। साथ ही अदालत ने यह दोहराया कि वर्षों से लंबित अपील का शीघ्र निस्तारण आवश्यक है। इसी क्रम में राजस्थान हाई कोर्ट से तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी करने का आग्रह किया गया।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading