उत्तर भारत में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में ठंड और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा भी घना होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके चलते मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडलीय परत में चल रही तेज जेट स्ट्रीम हवाओं की वजह से हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी जारी है। इसके असर से मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से नीचे जा रहा है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से भी कम दर्ज किया जा रहा है। उत्तराखंड के केदारनाथ में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण पारा गिरकर -13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह और शाम पाला पड़ने से तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुँच चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 12.6 किमी ऊंचाई पर उपउष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम में करीब 115 नॉट्स की रफ्तार से हवाएं बह रही हैं। इन दोनों प्रणालियों के सक्रिय होने से उत्तरी भारत में ठंड, बादल और कोहरे की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बर्फबारी और ठंड को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, औली, मुनस्यारी और हर्षिल जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। मैदानी जिलों में हल्की बारिश, घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों की दिक्कत बढ़ा सकती हैं। मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि पहाड़ों में यह शून्य से नीचे जाने की पूरी संभावना है। चमोली जिले की नीती घाटी में ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां के ग्रामीण अपने शीतकालीन प्रवास की ओर लौट चुके हैं और घाटी में अब केवल होम-स्टे संचालक ही मौजूद हैं।
अन्य राज्यों में भी बढ़ेगी ठंड
मध्य प्रदेश, उत्तरी विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 9 दिसंबर को शीतलहर चलने की आशंका है। ओडिशा में भी तापमान में गिरावट और कोहरे का असर बना रहेगा। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में अगले दो–तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है। देश में बीते दिन सबसे अधिक तापमान कर्नाटक के कारवार में 35.4 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम पंजाब के आदमपुर में 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का असर
असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 दिसंबर तक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। पूर्वी बंगाल और आसपास के इलाकों में सक्रिय चक्रवात के कारण बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में हवा की गति 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी ठंड का प्रकोप
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है। चंबा, लाहौल–स्पीति, कुल्लू और कांगड़ा के ऊंचे इलाकों में मंगलवार को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। बिलासपुर और मंडी में 9 दिसंबर को कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर में भी ठंड बढ़ गई है। कई जगहों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया। पहलगाम सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ पारा -4.3 डिग्री तक गिर गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.9 डिग्री दर्ज हुआ। उत्तरी व मध्य कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी के संकेत भी मिले हैं।






