
जब भी दुश्मनों ने भारत की ओर कुटिल दृष्टि डाली, देश के वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर उनकी साजिशों को विफल किया। संसद पर हुए आतंकी हमले की 24वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी सहित अनेक नेताओं ने उन वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने वर्ष 2001 में अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया।
आज संसद हमले की 24वीं बरसी पर पूरा देश उन शहीदों को याद कर रहा है, जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित अनेक सांसदों ने संसद परिसर में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया। संसद हमले में कई सुरक्षा कर्मी शहीद हुए थे। यह घटना देश की सुरक्षा, शौर्य और बलिदान की प्रतीक बन चुकी है। श्रद्धांजलि समारोह में नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के अद्वितीय साहस को सम्मानित किया। इस दौरान संसद परिसर में गणमान्य व्यक्तियों और सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति रही तथा देशभर में शहीदों के बलिदान को नमन किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश 2001 में संसद पर हुए कायराना हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को स्मरण करता है। संकट की उस घड़ी में उनका साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा प्रेरणास्रोत रही। भारत उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव कृतज्ञ रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2001 के संसद हमले में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उनके और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आज हम आतंकवाद के सभी रूपों के विरुद्ध लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करते हैं। शहीदों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा आज भी राष्ट्र को मार्गदर्शन देती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव स्मृतियों में जीवित रहेगा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि 13 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर कायरतापूर्ण हमला राष्ट्र की संप्रभुता और गरिमा पर आघात था। देश की रक्षा में प्राण अर्पित करने वाले वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों को स्मरण किया और कहा कि उनका बलिदान देश सदैव याद रखेगा।

शहीदों के परिजनों ने व्यक्त किया गर्व
संसद हमले की बरसी पर शहीद सुरक्षा कर्मियों के परिजनों ने गर्व और देशभक्ति की भावनाएं व्यक्त कीं। परिवारजनों ने बताया कि हमें हमले की सूचना मिली थी, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं थी। हमें गर्व है कि उन्होंने देश की संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राण अर्पित किए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह दिन देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आतंकियों के हमले के समय बहादुर सुरक्षा कर्मियों ने लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसद हर वर्ष उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। दूसरी तरफ़ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 88वीं बटालियन की कांस्टेबल कमलेश कुमारी को भी श्रद्धांजलि दी। सीआरपीएफ ने बताया कि उन्होंने आतंकियों का डटकर सामना करते हुए असाधारण साहस दिखाया और साथियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनके शौर्य के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। सीआरपीएफ ने उन्हें ‘अमर श्रद्धांजलि’ अर्पित की।



