इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम सिंगापुर से ढाका लाया गया। आज उनका जनाजा थोड़ी देर में राष्ट्रीय संसद भवन से रवाना होगा। जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से माणिक मियां एवेन्यू पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। संभावित हिंसा को देखते हुए पूरे बांग्लादेश में अलर्ट जारी किया गया है। हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी बीएसएफ को सतर्क कर दिया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस छात्र नेता उस्मान हादी की नमाज-ए-जनाजा में शामिल हुए। इस अवसर पर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों आम नागरिक भी मौजूद रहे। जनाजे की नमाज का नेतृत्व हादी के बड़े भाई मौलाना डॉ. अबु बकर सिद्दीकी ने किया। माणिक मियां एवेन्यू पर भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सेना की गाड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन के जवान तैनात किए गए हैं। राजधानी ढाका में जगह-जगह अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है, हालांकि हिंसा की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
शशि थरूर ने बांग्लादेश की स्थिति पर जताई चिंता
तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि डेली स्टार और प्रोथोम आलो अखबारों पर हुआ हमला केवल मीडिया संस्थानों पर नहीं, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और बहुलतावादी समाज की बुनियाद पर हमला है। उन्होंने खुलना और राजशाही में वीजा सेवाओं के जबरन बंद होने को भी गंभीर झटका बताया और कहा कि हिंसा का सीधा असर छात्रों, मरीजों और आम परिवारों पर पड़ा है।
दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा सख्त
छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में भड़के हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस द्वारा टेलीविजन पर हादी की मौत की पुष्टि किए जाने के बाद गुरुवार रात से ही देश में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते व्यापक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और हमले हुए। अधिकारी ने कहा कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत के बाद हुई हिंसा की निंदा करते हुए इसके लिए उपद्रवी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है।
अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
ढाका स्थित अमेरिकी उच्चायोग ने देश में बढ़ती हिंसा को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए सतर्कता निर्देश जारी किए हैं। एक्स पर साझा सूचना में कहा गया कि शरीफ उस्मान हादी की नमाज-ए-जनाजा शनिवार, 20 दिसंबर को जुहर की नमाज के बाद, लगभग दोपहर 2 बजे, राष्ट्रीय संसद भवन के सामने माणिक मियां एवेन्यू पर अदा की जाएगी। इस दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने की आशंका है। अमेरिकी नागरिकों को प्रदर्शनों से दूर रहने और बड़ी सभाओं के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस्मान हादी को ढाका विश्वविद्यालय की सेंट्रल मस्जिद के पास, राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के समीप दफनाया जा सकता है। हादी को पिछले सप्ताह नकाबपोश बाइक सवारों ने गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और कई दिनों तक जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे। गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद देश में हिंसा भड़क उठी। हादी के निधन पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।






