
शीतकालीन सत्र में सरकार ने मनरेगा के स्थान पर VB–G Ram G विधेयक पेश किया, जिसे दोनों सदनों से पारित कराकर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बना। हालांकि, इस कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
केंद्र सरकार मनरेगा के बाद अब यूपीए शासनकाल में बने दो प्रमुख कानूनों शिक्षा का अधिकार और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में व्यापक बदलाव की योजना पर काम कर रही है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे तथा 100 प्रतिशत पंजीकरण हो।
संसद में आ सकते हैं नए संशोधन विधेयक
सरकार पहले नियमों और प्रशासनिक आदेशों में संशोधन के जरिए सुधार लागू करने पर विचार कर रही है। अपेक्षित परिणाम न मिलने पर संसद में संशोधन विधेयक पेश किए जा सकते हैं। साथ ही, आवास के अधिकार को भी कानूनी दर्जा देने पर विचार किया जा रहा है। परामर्श प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पूर्व में बने अधिकार आधारित कानूनों में निम्न कमियां सामने आई हैं—
- शिक्षा का अधिकार होने के बावजूद सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाई।
- खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी सभी जरूरतमंद परिवारों तक राशन नहीं पहुंच सका।
- क्रियान्वयन में लीकेज और अपात्र लाभार्थियों की समस्या बनी रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लीकेज पूरी तरह खत्म हो, लाभ समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे।
सरकार के तय लक्ष्य
शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास इन पांच बुनियादी जरूरतों को लेकर सरकार ने तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं—
- पूर्ण कवरेज के लिए समयबद्ध लक्ष्य
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रियान्वयन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- हर नागरिक की पहचान सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रव्यापी पंजीकरण अभिया
सरकार का मानना है कि किसी योजना को कानूनी अधिकार घोषित करना पर्याप्त नहीं, जब तक उसका प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर न हो।
क्या है खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006
देश में सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 लागू किया गया। इसके तहत एफएसएसएआई की स्थापना हुई। यह कानून किसानों, खाद्य उत्पादकों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, होटल-रेस्टोरेंट, थोक-खुदरा विक्रेताओं, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर लागू होता है। उल्लंघन पर ₹10 लाख तक जुर्माना, लाइसेंस रद्द और गंभीर मामलों में कारावास का प्रावधान है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009: प्रमुख प्रावधान
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। यह संविधान के अनुच्छेद 21A के अंतर्गत आता है और 1 अप्रैल 2010 से लागू है। कॉलेज और विश्वविद्यालय इसके दायरे में नहीं आते, न ही 14 वर्ष से अधिक आयु के छात्र।

गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र में सरकार ने मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB–G Ram G विधेयक पेश किया, जिसे दोनों सदनों से पारित किया गया। दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बना। हालांकि, कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।





