
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में एक दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की जान चली गई। बेसमेंट के लिए बनाए गए पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से यह हादसा हुआ। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद युवराज करीब 80 मिनट तक कार पर खड़े होकर टॉर्च जलाते हुए मदद के लिए चिल्लाता रहा। इस दौरान पिता राजकुमार मेहता ने लगातार पुलिस, दमकल और बचाव दल से बेटे को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही युवराज कार समेत पानी में डूब गया।
इलाके में सुरक्षा इंतजाम नदारद
घटनास्थल के आसपास 50 से अधिक सोसाइटी हैं, जिनमें हजारों लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
- कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब हैं
- सड़कें जर्जर हालत में हैं
- पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है
- खुले नालों और खाली प्लॉटों में बिना शोधन के पानी छोड़ा जाता है
नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही का आरोप
पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेक्टर-150 के निवासी पहले भी नाले के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर चुके थे, लेकिन प्राधिकरण ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया हादसे की वजह तेज रफ्तार और कोहरा माना जा रहा है, जिससे वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
घटना का विवरण
- रात 12:05 बजे – कार गड्ढे में गिरी
- 12:25 बजे – युवराज ने पिता को फोन किया
- 12:30 बजे – डायल 112 पर सूचना
- 12:50 बजे – पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे
- 1:15 बजे – एसडीआरएफ टीम मौके पर
- 1:45 बजे – कार समेत युवक पानी में डूबा
- 4:30 बजे – शव बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया
पोस्टमॉर्टम के बाद युवराज का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों और दोस्तों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। परिजनों का कहना है कि वे अपने बुढ़ापे का सहारा खो चुके हैं।






