
हमला हुआ, तो जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा ईरान– विदेश मंत्री
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस से वॉशिंगटन डीसी के समीप स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज लौटते समय कहा कि अमेरिका का एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि संभव है इस शक्ति का उपयोग न करना पड़े, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी जहाज बड़ी संख्या में उस क्षेत्र की ओर तैनात हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है और खाड़ी क्षेत्र की ओर युद्धपोतों का एक बेड़ा भेजा गया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने फांसी जैसी कार्रवाइयों को अंजाम दिया, तो उस पर पहले से कहीं अधिक कठोर हमला किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसा हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अब तक की गई कार्रवाई को भी मामूली साबित कर देगा। वहीं, ईरान के शीर्ष अभियोजक मोहम्मद मोवाहेदी ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि अमेरिकी हस्तक्षेप से देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए 800 लोगों की फांसी रोकी गई थी। मोवाहेदी ने इसे पूरी तरह झूठा बताया।
विरोध प्रदर्शनों में 5,002 से अधिक मौतों का दावा
ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान की गई सख्त कार्रवाई में शुक्रवार तक कम से कम 5,002 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, आठ जनवरी से देश के इतिहास की सबसे बड़ी इंटरनेट पाबंदी लागू है, जिसके चलते वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मृतकों में 4,716 प्रदर्शनकारी, 203 सरकारी कर्मचारी, 43 बच्चे और 40 आम नागरिक शामिल हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि 26,800 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, ईरान सरकार ने बुधवार को पहली बार आधिकारिक आंकड़े जारी करते हुए बताया कि अब तक 3,117 लोगों की मौत हुई है।
जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखे लेख में अमेरिका को चेतावनी दी कि किसी भी हमले की स्थिति में तेहरान उपलब्ध सभी संसाधनों से जवाब देगा। उन्होंने लिखा कि यदि ईरान पर फिर से हमला हुआ, तो उसकी शक्तिशाली सेना पूरी क्षमता के साथ जवाबी कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करेगी। अराघची ने कहा कि यह कोई धमकी नहीं, बल्कि एक वास्तविकता है, जिसे स्पष्ट करना जरूरी था, क्योंकि वह युद्ध के विरोधी हैं। वहीं, शीर्ष अभियोजक मोहम्मद मोवाहेदी ने भी दोहराया कि यदि ईरान की संप्रभुता पर किसी भी शक्ति ने हमला करने का प्रयास किया, तो उसका पूरी ताकत से मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने ट्रंप के बयानों को आधारहीन बताते हुए कहा कि वह अक्सर मनगढ़ंत बातें करते हैं।
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ और उसके हमलावर जहाजों के समूह को दक्षिण चीन सागर में चल रहे युद्धाभ्यास से पश्चिम एशिया की ओर मोड़ने का आदेश दिया गया है। वहीं, अमेरिकी रेडियो सीएनबीसी से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ आगे कोई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन यदि उसने अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू किया, तो कार्रवाई की जाएगी।






