पाकिस्तान एक के बाद एक अपने नुकसान को खुद स्वीकार कर रहा है। चाहे वह एयरबेस पर हुए हमले हों, सैन्य विमान का गिरना हो या फिर आतंकियों को शरण देने की बात – पाकिस्तान सरकार, सेना और नागरिक इन सब पर खुद ही खुलासे कर रहे हैं। भारत के खिलाफ किए गए झूठे दावों को भी अब पाकिस्तान ने खुद ही खारिज किया है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के एक मंत्री ने यह तक मान लिया कि देश ने दशकों तक आतंकियों को समर्थन और प्रशिक्षण दिया।
भारत की ओर से “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत की गई सटीक सैन्य कार्रवाई में आतंकी ठिकानों के साथ-साथ पाकिस्तान के एयरबेस भी निशाना बनाए गए। इस अभियान की पुष्टि अब न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कर रहे हैं बल्कि सैटेलाइट तस्वीरों और मीडिया रिपोर्ट्स से भी इसकी सच्चाई सामने आ रही है। बढ़ते प्रमाणों के दबाव में पाकिस्तान की चुप्पी भी टूट रही है और वह अपने नुकसान स्वीकारने को मजबूर हो गया है।
- भोलारी एयरबेस पर तबाही और AWACS विमान को नुकसान
पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर ने एक इंटरव्यू में बताया कि 10 मई को भारत ने चार ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक भोलारी एयरबेस के हैंगर से टकराई, जिससे वहां मौजूद AWACS विमान क्षतिग्रस्त हो गया और छह वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई। यह वही एयरबेस है, जिसे पाकिस्तान का सबसे आधुनिक माना जाता है और जहां 2020 में चीन के साथ संयुक्त अभ्यास भी हुआ था। - लड़ाकू विमान के नुकसान की भी स्वीकृति
हाल ही में पाकिस्तान की सेना ने यह माना कि भारत के साथ हुई झड़प में उनका एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि, इस पर अधिक जानकारी देने से बचा गया। यह बयान पाकिस्तान के जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। - 11 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि
पाकिस्तान ने पहले केवल नागरिकों की मौत की बात मानी थी, लेकिन बाद में 11 सैनिकों की मृत्यु और 78 के घायल होने की जानकारी दी। इनमें स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब जैसे वायुसेना से जुड़े नाम शामिल हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत ने पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी नुकसान पहुंचाया। - झूठी खबरों का खंडन
पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर भारत के पायलटों को पकड़ने की झूठी खबरें फैलाई गई थीं, जिनमें स्क्वाड्रन लीडर शिवानी सिंह का नाम भी लिया गया। लेकिन बाद में खुद पाकिस्तानी वायुसेना और नौसेना ने इन खबरों को खारिज किया और इन्हें अफवाह बताया। - मंत्री ने मानी आतंकवाद को समर्थन देने की बात
सबसे चौंकाने वाला कबूलनामा आया पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की ओर से, जिन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान आतंकियों को प्रशिक्षण और समर्थन देता रहा है। उन्होंने माना कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के इशारे पर यह सब किया गया, और इसे “पाकिस्तान की बड़ी भूल” करार दिया।






