
गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए रविवार रात से ही नई दिल्ली से लेकर परेड मार्ग तक स्थित ऊंची इमारतों पर शार्प शूटरों की तैनाती कर दी गई है। समारोह स्थल के साथ-साथ राजधानी की सभी प्रमुख जगहों और दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस व अर्धसैनिक बलों के करीब 15 हजार जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। जमीन, आसमान और हर गतिविधि पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर बनी हुई है।
परेड मार्ग पर छह स्तरीय सुरक्षा घेरा
कर्तव्य पथ पर जगह-जगह एंटी-ड्रोन सिस्टम और एंटी-एयरक्राफ्ट गन तैनात की गई हैं। परेड मार्ग पर छह स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें दिल्ली पुलिस, अतिरिक्त रिजर्व पुलिस कंपनियां, क्विक रिस्पांस टीम, स्वाट कमांडो, बम निरोधक दस्ते और यातायात पुलिस शामिल हैं। चाहे दिल्ली की सीमाएं हों या अंदरूनी इलाके, पूरा शहर कड़े सुरक्षा घेरे में है। समारोह स्थल के आसपास तीनों सेनाओं, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के विशेष कर्मी तैनात रहेंगे। ये जवान वीवीआईपी मेहमानों की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। सुरक्षा में लगे सभी बल सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
संदिग्धों पर शार्प शूटर की पैनी नजर
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, परेड रूट के आसपास करीब सौ ऊंची इमारतों पर शार्प शूटर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। परेड मार्ग पर अत्याधुनिक सीसीटीवी और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे गुजरने वाले हर संदिग्ध की सूचना सीधे कमांड सेंटर तक पहुंचेगी।
यमुना नदी पर भी कड़ी निगरानी
जमीन और आसमान के साथ-साथ यमुना नदी पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी है। खादर क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है, वहीं नावों और मोटर बोट के जरिए नदी में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।






