
गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। इस दौरान सामने आया है कि बिना सत्यापन के किराएदार रखने के मामले में 500 से अधिक मकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस का तलाशी अभियान अभी भी जारी है, जिससे ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। शहर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली की सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही रिहायशी इलाकों में किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन कराया जा रहा है। बिना सत्यापन किराएदार या घरेलू सहायक रखने वाले मकान मालिकों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस लगातार निर्देश देती रही है कि किराएदारों और घरेलू सहायकों को रखने से पहले उनका सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, लेकिन लापरवाही बरतने पर मकान मालिक न केवल स्वयं बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है।
ऑनलाइन भी दी जा सकती है जानकारी
पुलिस के अनुसार, मकान मालिक अपने किराएदारों और घरेलू सहायकों की जानकारी ऑनलाइन या संबंधित थाने में जाकर दे सकते हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस उनके स्थायी पते से जुड़े थाने से सत्यापन कराती है और उनके खिलाफ दर्ज किसी आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच करती है।
दिल्ली में 2.30 लाख से अधिक सत्यापन
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि पुलिस निर्देशों के बावजूद जो मकान मालिक सुरक्षा में लापरवाही करते हैं, उनकी पहचान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में बाहरी जिला पुलिस ने 897 किराएदारों और 18,119 घरेलू सहायकों का सत्यापन किया है। बिना सत्यापन किराएदार और घरेलू सहायक रखने पर 482 मकान मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के सभी जिलों में अब तक लगभग 2.30 लाख किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन किया जा चुका है।
छह माह तक की सजा का प्रावधान
सत्यापन में लापरवाही करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाता है। जांच के दौरान यह भी देखा जाता है कि मकान मालिक को नियमों की जानकारी नहीं थी या उन्होंने जानबूझकर सत्यापन से बचने की कोशिश की। दोषी पाए जाने पर छह माह तक की जेल या जुर्माने का प्रावधान है।
‘आंखें और कान’ अभियान शुरू
गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने ‘आंखें और कान’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत आम लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। पुलिस स्टेशनों पर आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, होटल संचालक, कार डीलर, फल-सब्जी विक्रेता, सुरक्षा गार्ड, कुली, पार्किंग अटेंडेंट और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आरडब्ल्यूए को सीसीटीवी कैमरे लगाने, किराएदार सत्यापन और फेरीवालों की निगरानी के महत्व के बारे में बताया गया है, जबकि एमडब्ल्यूए को बाजारों में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, फुटेज सुरक्षित रखने और पुलिस के साथ सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने की सलाह दी गई है।






