
मैराथन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भागीदारी से कश्मीर की पहचान एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के तौर पर उभरी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि कश्मीर मैराथन ने प्रदेश में पर्यटन को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सक्रिय भागीदारी से कश्मीर की छवि एक सुरक्षित, खुले और पर्यटकों के लिए स्वागतयोग्य गंतव्य के तौर पर उभरी है। मौलाना आज़ाद स्टेडियम, जम्मू में दिए गए अपने भाषण में एलजी सिन्हा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। कश्मीर मैराथन इसी दिशा में एक अहम पहल है, जिसे स्पोर्ट्स टूरिज़्म और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे कश्मीर को खेल और वेलनेस टूरिज़्म के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की भागीदारी से लोगों में विश्वास और एकता की भावना मजबूत हुई है और इससे कश्मीर की सकारात्मक छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आई है। एलजी सिन्हा ने यह भी जानकारी दी कि जम्मू मैराथन के पहले संस्करण का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो चुका है, जो मार्च 2026 में आयोजित किया जाएगा।
मिशन युवा कार्यक्रम
उपराज्यपाल ने मिशन युवा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्किल डेवलपमेंट, मेंटरशिप और वित्तीय सहायता के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत एक हाइब्रिड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट कोर्स शुरू किया गया, जिससे 5,000 से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। एलजी सिन्हा ने कहा कि मिशन युवा के अंतर्गत 1.35 लाख उद्यमशील इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिससे लगभग 4.5 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। पहले ही वर्ष में 1.51 लाख से अधिक युवाओं ने इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है। इनमें से 61,941 युवाओं ने विभिन्न क्रेडिट-लिंक्ड योजनाओं के तहत आवेदन किया, जिनमें से 12,000 से अधिक मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है और 800 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक 7,650 सरकारी पदों पर मेरिट के आधार पर भर्ती सुनिश्चित की गई है, जबकि 23,800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इससे सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूती मिली है। इसके अलावा, 910 अनुकंपा नियुक्तियां भी दी गई हैं, जिनमें आतंक प्रभावित परिवारों के 464 मामले शामिल हैं।
औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में प्रगति
एलजी सिन्हा ने कृषि क्षेत्र में ‘पीली क्रांति’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि 2020 के बाद से संगठित क्षेत्र में 2,227 औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया है, जिनमें 15,940 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 73,827 लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही 27,613 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली 1,028 औद्योगिक इकाइयों पर काम शुरू हो चुका है। इनमें से 396 इकाइयों के मार्च 2026 तक उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है।
उपराज्यपाल ने कहा कि नई केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत 805 करोड़ रुपये के दावे स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, DPIIT के स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर जम्मू-कश्मीर के 1,316 स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 471 महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप शामिल हैं। यह प्रदेश में बढ़ते उद्यमिता माहौल और राष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है। अपने संबोधन में उन्होंने स्वास्थ्य, खेल, शहरी विकास, हस्तशिल्प सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।






