दुनिया के प्रतिष्ठित अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर छंटनी

दिल्ली, बीजिंग और पश्चिम एशिया समेत कई अहम ब्यूरो बंद, कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की भी नौकरी गई…

दुनिया के प्रतिष्ठित अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट में की गई व्यापक छंटनी ने वैश्विक पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस प्रक्रिया में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर भी नौकरी से बाहर हो गए हैं। सबसे ज्यादा असर अखबार की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम पर पड़ा है, जिसके तहत पश्चिम एशिया सहित दिल्ली, बीजिंग और कीव जैसे अहम ब्यूरो बंद कर दिए गए हैं। बुधवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय डेस्क, स्पोर्ट्स सेक्शन और कई अन्य विभाग गंभीर रूप से प्रभावित हुए। छंटनी के बाद अनेक अनुभवी पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की। ईशान थरूर, जो लंबे समय से वॉशिंगटन पोस्ट से जुड़े थे, ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि नौकरी जाना उनके लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों तक जिन अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों और संपादकों के साथ काम किया, उनसे अलग होना दिल तोड़ने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में शुरू किया गया उनका कॉलम ‘वर्ल्ड व्यू’ उनके करियर का एक अहम और सम्मानजनक हिस्सा रहा, जिसे लाखों पाठकों ने पढ़ा।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम पर सबसे ज्यादा असर
इस छंटनी का सबसे बड़ा प्रभाव वॉशिंगटन पोस्ट की अंतरराष्ट्रीय कवरेज पर पड़ा है। पश्चिम एशिया की पूरी टीम हटाई गई है, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव, लैटिन अमेरिका और बर्लिन जैसे अहम ब्यूरो या तो बंद कर दिए गए हैं या बेहद सीमित कर दिए गए हैं। यरुशलम ब्यूरो चीफ गेरी शिह ने कहा कि सात वर्षों तक दुनियाभर में रिपोर्टिंग करना उनके जीवन का यादगार अनुभव रहा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज का दिन दुखद है, लेकिन सच्ची पत्रकारिता के लिए किए गए प्रयासों पर उन्हें गर्व है।

युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार भी चपेट में
छंटनी की मार युद्ध और संकटग्रस्त इलाकों में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर भी पड़ी है। काहिरा ब्यूरो चीफ क्लेयर पार्कर, यूक्रेन में रिपोर्टिंग कर रहीं लिजी जॉनसन और बर्लिन ब्यूरो चीफ एरन वीनर को भी नौकरी गंवानी पड़ी। इन पत्रकारों ने कहा कि ऐसे समय में अचानक नौकरी जाना बेहद पीड़ादायक है। लिजी जॉनसन ने लिखा कि युद्ध क्षेत्र के बीच नौकरी से निकाला जाना उन्हें पूरी तरह तोड़ देने वाला अनुभव रहा।

स्पोर्ट्स डेस्क भी बंद
वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी स्पोर्ट्स डेस्क को भी बंद कर दिया है। स्पोर्ट्स इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर विल हॉब्सन ने कहा कि 11 वर्षों तक ताकतवर और अरबपतियों के खिलाफ रिपोर्टिंग करना उनके जीवन का सपना था, जो अचानक खत्म हो गया। अखबार प्रबंधन के अनुसार, यह फैसला बड़े स्तर पर पुनर्गठन के तहत लिया गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वॉशिंगटन पोस्ट के करीब एक-तिहाई कर्मचारियों पर इसका असर पड़ा है। अखबार की पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टी बैरन ने इसे संस्थान के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पत्रकारिता कमजोर होगी, बल्कि जनता तक सच्ची और जमीनी खबरें पहुंचाना भी कठिन हो जाएगा।

वॉशिंगटन पोस्ट गिल्ड (कर्मचारी यूनियन) ने अखबार के मालिक जेफ बेजोस से पत्रकारिता के मिशन में निवेश जारी रखने की अपील की है। यूनियन ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों के बिना वॉशिंगटन पोस्ट का अस्तित्व संभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं।

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