एआई समिट 2026: वैश्विक दिग्गजों का भारत आगमन तेज

पेटेरी ओर्पो और सुंदर पिचाई एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। फिनलैंड के प्रधानमंत्री ओर्पो की यात्रा से भारत-फिनलैंड सहयोग को डिजिटल, एआई, शिक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई 20 फरवरी को मुख्य संबोधन देंगे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर बताया कि यह दौरा द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगा। 16–20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित समिट में दुनियाभर के नेता, नीति-निर्माता और टेक विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

वीआईपी मूवमेंट के कारण विशेष व्यवस्थाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के चलते कुछ सत्रों में प्रवेश सीमित रहेगा। सुरक्षा कारणों से प्रतिनिधियों को शाम 4:30 बजे तक कन्वेंशन क्षेत्र खाली करना होगा, क्योंकि शाम को विशेष भोज आयोजित है। अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती रुचि को देखते हुए एआई एक्सपो 18 फरवरी को रात 8 बजे तक खुला रहेगा।

पिचाई-मोदी मुलाकात और आईटी सेक्टर पर चर्चा
समिट में भाग लेने पहुंचे पिचाई ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और कहा कि भारत आना हमेशा प्रेरक अनुभव रहता है। इसी बीच प्रधानमंत्री ने ANI को दिए साक्षात्कार में बताया कि भारत का आईटी क्षेत्र निर्यात सेवाओं की रीढ़ और आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन है।

युवाओं की भागीदारी पर वैष्णव उत्साहित
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लगभग 2.5 लाख प्रतिभागियों, खासकर युवाओं, की सक्रिय भागीदारी एआई के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उनके अनुसार भारत एआई का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, उत्पादकता और जनसंख्या-स्तर की चुनौतियों के समाधान में कर रहा है।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी से बढ़े रिश्ते
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने भारत-मॉरीशस संबंधों में डिजिटल सहयोग को प्रमुख स्तंभ बताया।
इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज का हैदराबाद हाउस में स्वागत किया। इसे दोनों देशों के बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने भारत के सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई मॉडल का समर्थन करते हुए कहा कि “पीपल, प्रोग्रेस और प्लैनेट” का सिद्धांत वैश्विक एआई विकास की सही दिशा दिखाता है।

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